ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने वाली यह महिला आज है अंबानी की ‘राइट हैंड’, बॉलीवुड पर भी चलता है सिक्का

Entertainment News: भारतीय मनोरंजन जगत में आज एक नाम की गूंज सबसे ज्यादा है और वह है ज्योति देशपांडे। ‘स्त्री 2’, ‘धुरंधर’ और ‘राजा शिवाजी’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के पीछे उन्हीं का दिमाग काम कर रहा है। जियो स्टूडियोज की प्रेसिडेंट ज्योति देशपांडे को मुकेश अंबानी की सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। मीडिया और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में रिलायंस की सफलता का सारा श्रेय उन्हीं की रणनीतियों को जाता है। उन्होंने अपनी मेहनत से खुद को मनोरंजन जगत की सबसे शक्तिशाली महिला के रूप में स्थापित किया है।

संघर्ष से सफलता तक: ट्यूशन पढ़ाकर पूरी की अपनी पढ़ाई

मुंबई के एक साधारण मराठी परिवार में जन्मी ज्योति देशपांडे का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। नरसी मोंजी कॉलेज से कॉमर्स की डिग्री लेते समय उनके पास आर्थिक संसाधनों की काफी कमी थी। अपनी उच्च शिक्षा का खर्च निकालने के लिए उन्होंने छात्रों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। इसके बाद 1993 में उन्होंने प्रतिष्ठित एस. पी. जैन इंस्टीट्यूट से एमबीए की डिग्री हासिल की। वित्तीय तंगी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आज वह दुनिया के सफलतम बिजनेस लीडर्स की सूची में शामिल हैं।

करियर की शुरुआत और मीडिया जगत में बड़ा मुकाम

एमबीए पूरा करने के बाद ज्योति ने यूके की कंपनी माइंडशेयर मीडिया में बतौर सीनियर कंसल्टेंट अपने पेशेवर सफर का आगाज किया। इसके बाद उन्होंने जी नेटवर्क में सेल्स और मार्केटिंग हेड की जिम्मेदारी संभाली। उनकी काबिलियत को देखते हुए उन्हें बी4यू टेलीविजन नेटवर्क की संस्थापक टीम में शामिल किया गया। साल 2018 में उनकी प्रतिभा ने मुकेश अंबानी का ध्यान खींचा और वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में प्रेसिडेंट के तौर पर शामिल हुईं। आज वह वायकॉम18 और इरोस इंटरनेशनल जैसे बड़े संस्थानों का नेतृत्व कर चुकी हैं।

मुकेश अंबानी का भरोसा और जियो स्टूडियोज की सफलता

मुकेश अंबानी जब भी किसी नए सेक्टर में उतरते हैं, तो उसकी बागडोर अपने सबसे विश्वसनीय योद्धा को सौंपते हैं। मीडिया और कंटेंट के क्षेत्र में ज्योति देशपांडे वही अटूट भरोसा हैं। उन्होंने जियो स्टूडियोज को महज एक प्रोडक्शन हाउस से बदलकर एक ‘कंटेंट फैक्ट्री’ बना दिया है। उनके नेतृत्व में ही जियो सिनेमा पर आईपीएल को मुफ्त दिखाने का क्रांतिकारी फैसला लिया गया। डिज्नी और रिलायंस के बीच हुए ऐतिहासिक मर्जर में भी उनकी भूमिका अत्यंत निर्णायक और रणनीतिक रही है।

कंटेंट क्वीन: हर भाषा और हर वर्ग के लिए बनाई फिल्में

ज्योति देशपांडे ने ‘भेड़िया’, ‘जरा हटके जरा बचके’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों के जरिए कंटेंट की नई परिभाषा लिखी है। उनकी फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि दर्शकों का दिल भी जीता। बिजनेस टुडे और फॉर्च्यून जैसी वैश्विक पत्रिकाओं ने उन्हें ‘मोस्ट पावरफुल विमेन’ की सूची में प्रमुखता से जगह दी है। ज्योति का मानना है कि सही कंटेंट हर भाषा की सीमा को तोड़ सकता है। यही कारण है कि आज जियो स्टूडियोज हर क्षेत्रीय भाषा में बेहतरीन फिल्में बना रहा है।

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