Uttar Pradesh News: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला ने एक वीडियो जारी कर विभाग के उच्चाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिपाही का दावा है कि लखनऊ पुलिस में ड्यूटी लगाने के नाम पर हर महीने प्रत्येक जवान से 2000 रुपये वसूले जा रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
वसूली के लिए बना है बाकायदा ‘चैनल’
कांस्टेबल सुनील शुक्ला ने करीब तीन मिनट के वीडियो में पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारियों ने वसूली के लिए एक व्यवस्थित ‘चैनल’ तैयार किया है। उनके मुताबिक, आईपीएस अफसर आरआई (RI) नियुक्त करते हैं, जो आगे गणना प्रभारी तैनात करता है। गणना प्रभारी अपनी सुविधा के लिए गार्द कमांडर चुनता है। अंत में सिपाही और दीवान को अपनी ड्यूटी लगवाने के बदले प्रतिमाह 2000 रुपये का भुगतान करना पड़ता है।
लाखों की उगाही का गणित और सीएम से गुहार
सिपाही ने वीडियो में वसूली का पूरा डाटा पेश करते हुए बताया कि एक गणना डी में लगभग 550 पुलिसकर्मी तैनात हैं। यदि 400 लोगों से भी वसूली हो, तो एक गणना से महीने में 8 लाख रुपये की उगाही होती है। लखनऊ में ऐसी तीन और गणनाएं हैं, जहां इसी तरह की लूट मची है। कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘लोकतांत्रिक राजा’ बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अधिकारियों को ‘काले अंग्रेज’ कहकर संबोधित किया है।
विपक्ष ने भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
कांग्रेस ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। यूपी कांग्रेस ने पूछा कि आखिर वसूली का यह पैसा किस ‘साहब’ की तिजोरी में जा रहा है? पार्टी ने सवाल किया कि क्या सरकार इन भ्रष्ट अधिकारियों पर बुलडोजर चलाएगी या शिकायत करने वाले सिपाही को ही चुप करा दिया जाएगा? फिलहाल, पुलिस कमिश्नरेट इस पूरे मामले की जांच और सिपाही के दावों की सच्चाई परखने में जुटा है।

