Himachal News: हिमाचल प्रदेश में 51 शहरी निकायों के चुनाव की स्थिति अब साफ हो गई है। बुधवार को नाम वापसी के बाद 1147 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। कुल 237 दावेदारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। चुनाव आयोग ने सभी प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। इस बीच दस पार्षद बिना किसी विरोध के निर्विरोध चुन लिए गए हैं। निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है।
विभिन्न जिलों में उम्मीदवारों की स्थिति
दस पार्षदों के निर्विरोध चयन के बाद अब 439 पदों पर मुकाबला होगा। कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 218 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। मंडी में 180 और शिमला में 123 प्रत्याशी मैदान में हैं। सोलन से 121, ऊना से 118 और कुल्लू से 100 दावेदार हैं। बिलासपुर में 87, सिरमौर में 84, चंबा में 72 और हमीरपुर में 44 लोग चुनाव लड़ रहे हैं। रोहड़ू और नारकंडा में नामांकन प्रक्रिया अभी जारी है।
मतदान और चुनाव नतीजों का पूरा कार्यक्रम
राज्य के करीब तीन लाख साठ हजार मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान 17 मई को सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा। नगर पंचायत और नगर परिषद के चुनाव परिणाम उसी दिन शाम को घोषित किए जाएंगे। वहीं, चार नगर निगमों के चुनाव नतीजे 31 मई को घोषित होंगे। नगर निगम के चुनाव सीधे राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिह्न पर लड़े जा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग की तैयारियां और निर्विरोध वार्ड
निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी हैं। नेरवा के चार अलग-अलग वार्डों में प्रत्याशी निर्विरोध जीते हैं। करसोग और ज्वालामुखी के एक-एक वार्ड में भी निर्विरोध चुनाव हुआ है। बंजार, चुवाड़ी, रिवाल्सर और चिढ़गांव से भी एक-एक पार्षद बिना मतदान के विजयी हुआ है। पंचायत और परिषद चुनाव बिना किसी पार्टी चिह्न के हो रहे हैं।


