West Bengal News: पश्चिम बंगाल में मचे भारी राजनीतिक घमासान के बीच राज्यपाल आर एन रवि ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। यह भारतीय राजनीति के इतिहास में एक दुर्लभ और अभूतपूर्व घटना है। राज्यपाल ने यह कड़ा कदम तब उठाया जब ममता बनर्जी ने चुनाव में हार के बावजूद इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया। इसके साथ ही राज्यपाल ने वर्तमान विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग करने का आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है।
संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत की गई कार्रवाई
राज्यपाल आर एन रवि ने ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 174 (2) (बी) का उपयोग किया है। कोलकाता स्थित राजभवन की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया कि यह आदेश तुरंत लागू माना जाएगा। चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री द्वारा इस्तीफा न देना एक संवैधानिक गतिरोध पैदा कर रहा था। राज्यपाल की इस शक्ति के प्रयोग ने अब राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है।
बीजेपी की प्रचंड जीत और टीएमसी की करारी हार
हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। बीजेपी ने कुल 293 सीटों में से 207 पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। वहीं, 2011 से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई। राज्य में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की आवश्यकता थी, जिसे बीजेपी ने आसानी से पार कर लिया है।
भवानीपुर सीट से हारीं ममता, लगाया धांधली का आरोप
ममता बनर्जी को अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 15 हजार से अधिक मतों से हराया। चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी ने जनादेश को स्वीकार करने से मना कर दिया। उन्होंने चुनाव आयोग और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली हुई है, इसलिए वह नैतिक रूप से इस्तीफा नहीं देंगी।
9 मई को होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह
पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार 92 प्रतिशत मतदान कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। अब 8 मई को बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी। इसके बाद 9 मई को सुबह 10 बजे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। नई मंत्रिपरिषद के शपथ लेते ही बंगाल में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत होगी और संवैधानिक संकट पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।


