Himachal News: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने गुरुवार को लाहौल-स्पीति और मनाली प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध अटल टनल, रोहतांग का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान सुरंग की तकनीकी विशेषताओं, सामरिक महत्त्व और क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका की जमकर सराहना की। राज्यपाल ने इसे सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित आधुनिक इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक तकनीक का एक अद्भुत उदाहरण बताया। उनके अनुसार, इस परियोजना ने हिमालयी क्षेत्र में विकास और संपर्क के नए वैश्विक आयाम स्थापित किए हैं।
सुरक्षा प्रबंधन और संचालन का गहन अवलोकन
राज्यपाल ने साउथ पोर्टल से नॉर्थ पोर्टल तक सुरंग का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने बीआरओ अधिकारियों से टनल के निर्माण, सुरक्षा प्रबंधन और सुचारू संचालन से जुड़ी बारीकियां समझीं। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि भारी बर्फबारी के बावजूद साल भर यातायात को कैसे चालू रखा जाता है। राज्यपाल ने कहा कि यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। यह केवल एक सुरंग नहीं, बल्कि देश की सामरिक मजबूती और सीमावर्ती विकास का सशक्त प्रतीक है।
लाहौल घाटी की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिली नई दिशा
सुरंग के निर्माण से लाहौल-स्पीति अब पूरे साल देश के अन्य हिस्सों से जुड़ा रहता है। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आवश्यक सेवाओं में बड़ी राहत मिली है। राज्यपाल ने रेखांकित किया कि अटल टनल बनने के बाद क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों ने तेज रफ्तार पकड़ी है। बड़ी संख्या में विदेशी और घरेलू पर्यटक अब यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ा है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी काफी मजबूती मिली है।
सिस्सू झील का भ्रमण और पारंपरिक सांस्कृतिक स्वागत
अपने प्रवास के दौरान राज्यपाल ने सिस्सू झील और वॉटरफॉल का भी दौरा किया। उन्होंने लाहौल घाटी की प्राकृतिक छटा की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिस्सू अब प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन चुका है। नॉर्थ पोर्टल पहुंचने पर उपायुक्त किरण भड़ाना और जिला प्रशासन ने उनका भव्य स्वागत किया। राज्यपाल का सम्मान लाहौल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। उन्होंने स्थानीय जनता और अधिकारियों के साथ पर्यटन विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना और सुख-समृद्धि की कामना
राज्यपाल ने लाहौल के आराध्य देवता राजा घेपन के मंदिर में दर्शन किए और देशवासियों की खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने मनाली स्थित सुप्रसिद्ध हिडिंबा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और माता का आशीर्वाद लिया। उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से भी संवाद किया। राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए इसे संरक्षित करने पर बल दिया। उनके इस दौरे से सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक उत्साह भी बढ़ा है।


