Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने जिला महासू के जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में अचानक एक बड़ा चुनावी बदलाव किया है। पार्टी ने जिला परिषद चुनाव के लिए बढ़ाल वार्ड से अपने समर्थित उम्मीदवार को बदलते हुए नए प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया। नामांकन के पहले ही दिन भाजपा द्वारा किए गए इस फैसले ने विपक्षी दलों सहित स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
बढ़ाल वार्ड से रचना नेगी होंगी नई प्रत्याशी
भाजपा की संशोधित सूची के अनुसार अब बढ़ाल वार्ड से रचना नेगी पार्टी समर्थित उम्मीदवार होंगी। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और चुनाव समिति के संयोजक विपिन सिंह परमार ने वीरवार को इस बदलाव की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 5 मई को जारी हुई शुरुआती सूची में संशोधन किया गया है। पार्टी के इस कदम को रणनीतिक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है। संगठन के भीतर बनी आम सहमति के बाद ही नए नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई है।
प्रज्ज्वल बस्टा ने वापस लिया अपना नाम
पार्टी के अनुसार पूर्व घोषित प्रत्याशी प्रज्ज्वल बस्टा ने खुद अपना नाम वापस लेते हुए रचना नेगी को अपना समर्थन दे दिया है। प्रज्ज्वल बस्टा प्रदेश की राजनीति का एक उभरता हुआ और बेहद चर्चित युवा चेहरा रही हैं। उन्होंने मात्र 21 वर्ष की आयु में पंचायत समिति का चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। वह देश की सबसे युवा पंचायत समिति अध्यक्षों में शामिल रही हैं। इसके अलावा वह भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और प्लानिंग बोर्ड की सदस्य भी रह चुकी हैं।
चुनावी कार्यक्रम और मतदान की महत्वपूर्ण तिथियां
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। राज्य में तीन चरणों में होने वाले इस चुनाव की महत्वपूर्ण जानकारियां निम्नलिखित हैं:
- नामांकन की तिथियां: उम्मीदवार 8 और 11 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
- मतदान के चरण: प्रदेश में वोटिंग प्रक्रिया 26, 28 और 30 मई को तीन अलग-अलग चरणों में संपन्न होगी।
- मतगणना का समय: प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के मतों की गिनती मतदान वाले दिन ही संबंधित केंद्रों पर होगी।
- अंतिम परिणाम: बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों के परिणामों की घोषणा 31 मई को ब्लॉक मुख्यालयों में मतगणना के बाद की जाएगी।
रणनीतिक बदलाव और स्थानीय राजनीति पर प्रभाव
नामांकन के ठीक पहले प्रत्याशी बदलने के फैसले को भाजपा की सोची-समझी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। स्थानीय नेताओं का मानना है कि जुब्बल-कोटखाई जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। चुनाव समिति का कहना है कि पार्टी पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतर रही है। इस बदलाव के बाद अब बढ़ाल वार्ड में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है क्योंकि दोनों प्रत्याशी प्रभावशाली पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं।


