Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शंभूवाला स्थित एक निजी दवा कंपनी में लिफ्ट टूटने से 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई। शुक्रवार शाम हुए इस दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान रुखड़ी निवासी टीका राम के रूप में हुई है। युवक की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैसे मौत का कुआं बनी सामान ले जाने वाली लिफ्ट
यह दर्दनाक हादसा सनवेट हेल्थ केयर नामक दवा कंपनी में शुक्रवार शाम करीब सात बजे पेश आया। चश्मदीदों के मुताबिक लिफ्ट के माध्यम से भारी सामान ऊपरी मंजिल पर भेजा जा रहा था। इसी दौरान लिफ्ट को थामे रहने वाली लोहे की मुख्य तार अचानक टूट गई। तार टूटते ही लिफ्ट सीधे धरातल पर आ गिरी। लिफ्ट के भीतर मौजूद टीका राम को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वह मलबे के बीच गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम
हादसे के तुरंत बाद कंपनी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सहकर्मियों ने आनन-फानन में घायल टीका राम को नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने युवक की जान बचाने के लिए भरसक प्रयास किए। हालांकि युवक के जख्म काफी गहरे थे और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मेडिकल कॉलेज से सूचना मिलते ही शव को कब्जे में ले लिया है। आज पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाएगा।
सुरक्षा मानकों और तकनीकी खामियों पर उठे सवाल
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक ने मामले की पुष्टि करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में लिफ्ट की लोहे की रस्सी का टूटना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस अब इस पहलू पर गौर कर रही है कि क्या लिफ्ट का नियमित रखरखाव किया जा रहा था। क्या कंपनी ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी की? औद्योगिक विशेषज्ञों की मदद से तकनीकी कारणों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
मासूम बेटी और बिलखता परिवार छोड़ गया टीका राम
29 साल के टीका राम की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे एक छोटी मासूम बेटी और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घर के युवा सदस्य के इस तरह अचानक चले जाने से गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मासूम बेटी को शायद अभी इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि उसके पिता अब कभी घर नहीं लौटेंगे।
