Himachal News: हिमाचल प्रदेश के राशन डिपुओं से सामान लेने वालों के लिए एक बुरी खबर है। सरकार ने मई महीने में भी एपीएल कार्ड धारकों के आटे के कोटे में कटौती जारी रखी है। उपभोक्ताओं को इस बार भी पूरा आटा नहीं मिलेगा। इससे लाखों परिवारों की रसोई का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। लोगों को अब मजबूर होकर बाजार से महंगे दाम पर आटा खरीदना पड़ेगा। पिछले तीन महीनों से यह कटौती जारी है।
मई में भी मिलेगा केवल बारह किलो आटा
विभाग ने फरवरी महीने में राशन कार्ड धारकों को केवल ग्यारह किलो आटा दिया था। इसके बाद मार्च और अप्रैल महीने में बारह किलो आटा दिया गया। अब मई महीने में भी लोगों को केवल बारह किलो आटा ही मिलेगा। सरकार ने चावल की सप्लाई में भी कोई बदलाव नहीं किया है। उपभोक्ताओं को पहले की तरह सिर्फ छह किलो चावल ही मिल रहे हैं। इसके अलावा अभी तक डिपुओं में रिफाइंड तेल नहीं पहुंचा है।
राशन की दालों के नए दाम हुए लागू
आटे के साथ दालों के दाम में भी काफी फेरबदल हुआ है। डिपुओं में उड़द की दाल तेरह रुपये महंगी हो गई है। मलका मसूर की दाल के दाम में भी एक रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं चना दाल के दाम में ग्यारह रुपये की बड़ी राहत मिली है। खाद्य आपूर्ति विभाग के जिला नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने इसकी पूरी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मई महीने के लिए दालों के नए दाम लागू हो चुके हैं।
सभी उपभोक्ताओं के लिए तय की गई नई कीमतें
सरकार ने अलग अलग राशन कार्ड धारकों के लिए नई कीमतें जारी की हैं। एनएफएसए उपभोक्ताओं को अब उड़द दाल नवासी रुपये प्रति किलो मिलेगी। चना दाल इकसठ रुपये और मसूर दाल सड़सठ रुपये प्रति किलो तय की गई है। वहीं एपीएल उपभोक्ताओं के लिए भी नए दाम तय हुए हैं। उन्हें उड़द दाल चौरानवे रुपये प्रति किलो मिलेगी। चना दाल छियासठ रुपये और मसूर दाल बहत्तर रुपये प्रति किलो मिलेगी। यह नई कीमतें सभी डिपुओं पर लागू हैं।
