Himachal News: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में परीक्षाओं की शुचिता और गोपनीयता पर गहरा संकट मंडरा रहा है। संजौली क्षेत्र में उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। परीक्षा के बाद कापियों को विशेष सुरक्षा वाहन के बजाय आम छात्र बसों में भेजा जा रहा है। इन बसों में परीक्षार्थी और आम नागरिक एक साथ सफर करते हैं। ऐसे संवेदनशील दस्तावेजों को सार्वजनिक वाहनों में खुला छोड़ना विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सीक्रेसी बस बंद होने से बढ़ा सुरक्षा का खतरा
छात्र संगठन एसएफआई (SFI) ने इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिसर सचिव मुकेश कुमार और अध्यक्ष योगी ने आरोप लगाया कि पहले उत्तर पुस्तिकाओं के लिए अलग बस चलती थी। अब प्रशासन ने इस सुरक्षित व्यवस्था को बंद कर दिया है। उत्तर पुस्तिकाओं को असुरक्षित तरीके से बसों के फर्श पर फेंक कर ले जाया जा रहा है। इससे छात्रों के भविष्य और परीक्षा परिणामों की पारदर्शिता को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
पारदर्शिता पर सवाल और छात्र संगठनों की मांग
एसएफआई नेताओं ने मूल्यांकन केंद्रों के चयन को लेकर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। छात्र संगठन ने मांग की है कि परीक्षा से जुड़ी सामग्री की गोपनीयता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। गोपनीयता भंग करने वाली इस लापरवाही को तुरंत नहीं रोका गया, तो बड़ा आंदोलन शुरू होगा। छात्रों का कहना है कि प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।
परीक्षा नियंत्रक ने जांच के बाद मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन अब बचाव की मुद्रा में नजर आ रहा है। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक श्याम लाल कौशल ने पुष्टि की कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर गफलत की जांच शुरू कर दी गई है। मूल्यांकन शाखा से इस परिवहन व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
