Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कॉलेज जा रही छात्रा सिया गुलेरिया की नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सरकाघाट उपमंडल के नैण गांव की 19 वर्षीय छात्रा पर दराट से हमला किया गया था। पुलिस अब तक हत्या के असली कारणों का खुलासा नहीं कर पाई है। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपित विकास ने महज सनक में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस हर पहलू की गंभीरता से तफ्तीश कर रही है।
20 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर आरोपित विकास
मंडी पुलिस ने सिया हत्याकांड के मुख्य आरोपित विकास को अदालत में पेश किया। कोर्ट ने आरोपित को 20 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ करेगी कि आखिर हत्या के पीछे की मुख्य वजह क्या थी। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपित और छात्रा के बीच पहले से कोई विवाद था। वीरवार को उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी।
सहेली से फोन पर बात कर रही थी मासूम सिया
सोमवार सुबह सिया गुलेरिया हमेशा की तरह अपने कॉलेज के लिए निकली थी। वह बीवाक (बैचलर ऑफ वोकेशन) द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। रास्ते में वह अपनी सहेली से मोबाइल पर बात कर रही थी। घर से कुछ ही दूरी पर आरोपित विकास सामने से दराट लेकर आया। उस समय सड़क पर सिया और आरोपित के अलावा कोई नहीं था। अचानक हुए हमले ने सिया को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
चीख सुनकर बाहर आई महिला ने भागते देखा आरोपित
जब आरोपित ने सिया पर घातक वार किए, तो उसकी चीख पूरे इलाके में गूंज गई। आवाज सुनकर पास के घर से एक महिला तुरंत बाहर निकली। महिला ने देखा कि आरोपित वारदात को अंजाम देकर वहां से भाग रहा था। चश्मदीद महिला के बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। पुलिस ने अब तक कुल 11 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
माता-पिता को भी बेरहमी से पीट चुका है आरोपित
पुलिस जांच में आरोपित विकास के हिंसक व्यवहार का खुलासा हुआ है। विकास पहले भी अपने माता-पिता के साथ मारपीट कर चुका है। यह मामला पहले भी पुलिस तक पहुंचा था, लेकिन परिजनों के अनुरोध पर मामला दर्ज नहीं किया गया। पुलिस अब पिछले 15 दिनों की उसकी हर गतिविधि की जांच कर रही है। एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की तह तक जाने के लिए विशेष टीम जुटी हुई है।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज से मिली आरोपित को छुट्टी
आरोपित विकास को मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया। चिकित्सीय जांच और प्राथमिक उपचार के बाद बुधवार सुबह उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके तुरंत बाद उसे मंडी जेल शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस अब उससे रिमांड के दौरान हत्या की पूरी साजिश और हथियार के बारे में पूछताछ करेगी।
