हिमाचल चुनाव में आचार संहिता की उड़ी धज्जियां: कांग्रेस की बैठक में दिखा कर्मचारी, धर्मशाला में गुपचुप जारी हुए 17 टेंडर

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में चल रहे पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में आचार संहिता के उल्लंघन का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग के पास नियमों की अनदेखी से जुड़ी दो शिकायतें पहुंची हैं। पहली शिकायत शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र से जुड़ी है। वहीं दूसरी शिकायत धर्मशाला नगर निगम चुनाव से संबंधित है। आयोग ने इन दोनों मामलों का कड़ा संज्ञान लिया है। अधिकारियों से तुरंत विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली गई है।

चौपाल में कांग्रेस की बैठक में शामिल हुआ सरकारी कर्मचारी

शिमला जिले के चौपाल में एक सरकारी कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग को एक लिखित शिकायत सौंपी है। इस शिकायत के अनुसार एक सरकारी कर्मचारी ने प्रदेश कांग्रेस पार्टी की एक अहम चुनावी बैठक में हिस्सा लिया है। नियमों के मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी सेवा के दौरान किसी भी राजनीतिक या चुनावी बैठक का हिस्सा बिल्कुल नहीं बन सकता है। इसे आचार संहिता का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।

धर्मशाला में चुनाव के बीच जारी किए गए 17 नए टेंडर

दूसरी बड़ी शिकायत धर्मशाला नगर निगम से सामने आई है। पूर्व विधायक विशाल नैहरिया ने चुनाव आयोग को अपनी कड़ी शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रक्रिया जारी होने के बावजूद नगर निगम ने 17 नए विकास कार्यों के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। चुनाव के दौरान नए टेंडर जारी करना आदर्श आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है। इस मनमानी से पूरी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर बहुत बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

अधिकारियों पर गिरेगी गाज, चुनाव आयोग ले सकता है कड़ा एक्शन

विशाल नैहरिया ने इन सभी टेंडरों को तुरंत रद्द करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की अपील की है। शिकायतकर्ता ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नगर निगम आयुक्त और एसडीओ को हटाने की मांग रखी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी मामलों की रिपोर्ट वीरवार तक तलब की है। आयोग ने सभी रिटर्निंग अधिकारियों को ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

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