Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजस्व विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों की आदर्श आचार संहिता लागू है। इसके बावजूद सरकार ने आठ कानूनगो को पदोन्नत कर नायब तहसीलदार बना दिया है। इस अहम फैसले के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से विशेष मंजूरी ली गई है। पदोन्नत किए गए सभी आठ अधिकारी मंडी डिवीजन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें फिलहाल एडहॉक आधार पर पदोन्नति मिली है।
मंडी डिवीजन के इन अधिकारियों को मिला पदोन्नति का तोहफा
राज्य सरकार ने जिन आठ कानूनगो को प्रमोशन दिया है, वे सभी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। इनमें बगस्याड़ उपतहसील के संतोष कुमार और छतरी के चुन्नी लाल शामिल हैं। इसके अलावा भू-अभिलेख कार्यालय के रमेश कुमार, सुंदरनगर की मोहिनी देवी और निहरी के धर्म चंद को भी नायब तहसीलदार बनाया गया है। धर्मपुर एसडीएम कार्यालय के काली दास, हमीरपुर के धर्म चंद और बिलासपुर के देओली स्थित प्रकाश चंद को भी यह अहम जिम्मेदारी मिली है।
स्थानांतरण और नई तैनाती के आदेश जल्द होंगे जारी
राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत ने इस पदोन्नति की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इन सभी नवनियुक्त नायब तहसीलदारों के स्थानांतरण और नई तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। फिलहाल ये अधिकारी अपने मौजूदा स्थानों पर ही काम करेंगे। सरकार जल्द ही प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन्हें नए कार्यभार सौंपेगी। चुनाव के बीच हुए इस अहम फैसले की काफी चर्चा हो रही है।
आचार संहिता के चलते चुनाव आयोग से लेनी पड़ी विशेष अनुमति
हिमाचल प्रदेश में वर्तमान समय में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर आदर्श आचार संहिता पूरी तरह से लागू है। ऐसे में सरकार सीधे तौर पर किसी भी कर्मचारी का तबादला या पदोन्नति नहीं कर सकती है। इसलिए राजस्व विभाग ने इन अहम पदोन्नतियों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्ताव रखा था। आयोग ने पूरी स्थिति का गहनता से आकलन करने के बाद ही सरकार को इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यवाही को पूरा करने की हरी झंडी दी।
