Career News: हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने छात्रों के लिए खजाना खोल दिया है। वित्त वर्ष दो हजार छब्बीस-सत्ताईस के लिए छियत्तर करोड़ रुपये का भारी बजट पास हुआ है। यह महत्वाकांक्षी बजट तकनीकी शिक्षा और शोध की पूरी दिशा बदल देगा। कुलपति डॉ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में वित्त समिति ने इसे मंजूरी दी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। इस बजट से विश्वविद्यालय में कई क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे।
पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर नए शोध पर फोकस
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विश्वविद्यालय के इस दूरदर्शी कदम की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल पारंपरिक किताबें नहीं पढ़ाई जाएंगी। नए बजट का मुख्य फोकस नवाचार और उन्नत शोध पर आधारित होगा। विश्वविद्यालय के छात्र अब विविध सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे। इस नई पहल से युवाओं के कौशल का सर्वांगीण विकास आसानी से संभव होगा। छात्र अब केवल नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनेंगे।
छात्रों के लिए जल्द शुरू होंगे नए पीएचडी कार्यक्रम
कुलपति डॉ. अभिषेक जैन ने छात्रों के लिए एक और अहम घोषणा की है। उन्होंने बताया कि तकनीकी विश्वविद्यालय बहुत जल्द नए पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। ये नए कोर्स मुख्य परिसर के साथ-साथ सभी संबद्ध कॉलेजों में भी चलेंगे। इससे पूरे प्रदेश में शोध और अनुसंधान की एक बेहतरीन संस्कृति विकसित होगी। शिक्षा के क्षेत्र में इस कदम को एक बड़े मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है। इससे उच्च शिक्षा नई ऊंचाइयों को छुएगी।
आधुनिक प्रयोगशालाओं और शोध के लिए विशेष बजट
विश्वविद्यालय ने अनुसंधान कार्य को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये का विशेष बजट रखा है। पहली बार शोध कार्यों को इतना ज्यादा महत्व मिला है। इस बजट की कुछ प्रमुख और बड़ी घोषणाएं इस प्रकार हैं:
- आधुनिक प्रयोगशालाओं और नए उपकरणों के विकास के लिए तीन करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
- ई-पुस्तकों और शोध पत्रिकाओं के लिए एक करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यह पैसा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बना देगा।
शोध गाइड को मिलेगा इनाम और छात्रों को नई सुविधाएं
नए नियम के तहत उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मानद पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा पीएचडी गाइड को शोध पूरा होने पर पचास हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इससे शिक्षकों में शोध के प्रति और अधिक उत्साह पैदा होगा। वहीं छात्रों की खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का बजट पच्चीस लाख से बढ़ाकर पचपन लाख रुपये कर दिया गया है। छात्र क्लब और कैंपस प्लेसमेंट के लिए भी पहली बार विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
उद्यमिता और औद्योगिक प्रशिक्षण पर खर्च होंगे करोड़ों
विश्वविद्यालय ने छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खजाना खोला है। उद्यमिता विकास कार्यक्रम के लिए दो करोड़ रुपये का एक बहुत बड़ा बजट निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही औद्योगिक अनुभव और प्रशिक्षण के लिए एक करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। छात्र गतिविधियों और कौशल विकास के लिए भी सत्तर लाख रुपये का प्रावधान है। इन सभी पहलों का सीधा मकसद छात्रों को रोजगार के नए और शानदार अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार करना है।
