Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में पुलिस महकमे से एक बड़ी खबर आई है। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने एक सख्त कदम उठाते हुए सिरसिया थानाध्यक्ष को निलंबित किया है। सिरसिया थाने के प्रभारी शैलकांत उपाध्याय पर रविवार रात यह बड़ी विभागीय कार्रवाई हुई है। इस सख्त कार्रवाई से पूरे पुलिस विभाग में भारी हड़कंप मच गया है। थानेदार पर अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगा है। इसके अलावा उन पर मनमानी करने का आरोप है।
गोकशी के आरोपी से सांठगांठ का खुलासा
एसपी राहुल भाटी ने इस निलंबन को लेकर कई अहम जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस महकमे की एक आंतरिक जांच चल रही थी। इस विभागीय जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। सिरसिया के थाना प्रभारी ने गोकशी के एक नामजद आरोपी के साथ गुप्त सांठगांठ कर ली थी। पुलिस अधिकारी का अपराधियों से हाथ मिलाना बेहद गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी पुख्ता रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने तुरंत निलंबन का कड़ा आदेश जारी किया।
पुलिस विभाग की छवि खराब करने पर एक्शन
जिले के आला अधिकारियों ने इस पूरी घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। एसपी राहुल भाटी का मानना है कि थानेदार के इस कृत्य से पुलिस विभाग की छवि काफी धूमिल हुई है। आम जनता का पुलिस से भरोसा टूटने का खतरा पैदा हो गया था। इसलिए पुलिस अधीक्षक ने बिना कोई देरी किए शैलकांत उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। पुलिस प्रशासन अब जिले में यह सख्त संदेश देना चाहता है कि दागी पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्पक्ष जांच के लिए विभागीय कार्रवाई के आदेश
थानेदार को निलंबित करने के साथ ही उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक ने आरोपी थानेदार के विरुद्ध सख्त विभागीय जांच कराने के स्पष्ट आदेश दिए हैं। यह जांच तय सरकारी नियमों के अनुरूप ही की जाएगी। उच्चाधिकारियों का मुख्य लक्ष्य इस पूरे प्रकरण के सभी तथ्यों को सामने लाना है। इससे गोकशी के नेटवर्क और पुलिस की मिलीभगत की निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से जांच सुनिश्चित हो सकेगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा मिलेगी।
