Health News: पंजाब स्थित बीबीएमबी अस्पताल का बहुचर्चित मामला एक बार फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए नई जनहित याचिका दायर हुई है। अदालत ने इस गंभीर मामले पर तुरंत संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, हिमाचल और पंजाब सरकार समेत बीबीएमबी प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है।
प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ हाईकोर्ट में नई याचिका
प्रमुख समाजसेवी शिवम शर्मा ने अदालत में यह अहम जनहित याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि अदालत के पुराने निर्देशों के बावजूद धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। प्रशासन की इसी लापरवाही के कारण उन्हें दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। याचिकाकर्ता ने बताया कि पहले के आदेशों की अनदेखी के कारण एक अवमानना याचिका भी लंबित है। सरकारी तंत्र की इसी सुस्ती से आम मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल को एम्स का सैटेलाइट सेंटर बनाने की बड़ी मांग
इस नई याचिका में बीबीएमबी अस्पताल को लेकर एक बहुत बड़ी मांग रखी गई है। याचिकाकर्ता ने विशाल बुनियादी ढांचे का सदुपयोग करने की गुहार लगाई है। उन्होंने अस्पताल को एम्स या पीजीआई का सैटेलाइट सेंटर बनाने की जोरदार वकालत की है। इसे सीधे एम्स से जोड़ने का प्रस्ताव भी अदालत के सामने स्पष्ट रूप से रखा गया है। ऐसा होने पर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा।
तीन राज्यों के लाखों लोगों को मिलेगा शानदार इलाज
तलवाड़ा का यह अस्पताल भौगोलिक दृष्टि से एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। यह हिमाचल के कांगड़ा, पंजाब के होशियारपुर और जम्मू के सीमावर्ती इलाकों का मुख्य स्वास्थ्य केंद्र है। अगर हाईकोर्ट के दखल से यह मांग पूरी हो जाती है, तो स्वास्थ्य सुविधाएं बिल्कुल बदल जाएंगी। इन तीनों राज्यों के लाखों लोगों को घर द्वार पर ही बेहतरीन और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। अब सभी की नजरें केंद्र और राज्य सरकारों के जवाब पर टिकी हैं।
