Mandi News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच मंडी जिला परिषद की चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस की जिला अध्यक्षा चंपा ठाकुर ने कोटली जिला परिषद सीट से अपना नामांकन दाखिल कर सियासी हलचल तेज कर दी है। चंपा ठाकुर प्रदेश के दिग्गज नेता और आठ बार के विधायक रहे पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह की बेटी हैं। नामांकन के दौरान उनके साथ समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ा, जिससे चुनावी मुकाबला अब और भी दिलचस्प हो गया है।
चंपा ठाकुर का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है और जिला परिषद का यह उनका पांचवां चुनाव है। वह पूर्व में जिला परिषद की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं, जिससे उन्हें स्थानीय प्रशासन का गहरा अनुभव है। हालांकि, विधानसभा चुनावों में उन्हें सफलता का स्वाद चखने को नहीं मिला। वे मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के कद्दावर नेता अनिल शर्मा के खिलाफ दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन दोनों ही मौकों पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
विकास और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर लड़ेंगी चुनाव
नामांकन पत्र भरने के बाद चंपा ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य कोटली क्षेत्र का सर्वांगीण विकास और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। चंपा ने युवाओं के रोजगार और पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने का वादा किया है। कांग्रेस ने हाल ही में उन्हें जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे संगठन में उनका कद और भी बढ़ गया है।
चंपा ठाकुर के पिता कौल सिंह ठाकुर द्रंग विधानसभा क्षेत्र से आठ बार विधायक रहे हैं और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की कमान संभाल चुके हैं। पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए चंपा अब ग्रामीण राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं। राजनीतिक गलियारों में इस नामांकन को उनके भविष्य की विधानसभा उम्मीदवारी की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। समर्थकों की नारेबाजी ने कोटली क्षेत्र में चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
मंडी में रिकॉर्ड नामांकन और चुनावी आंकड़े
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भारी उत्साह देखने को मिला। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 11 मई तक प्रदेश भर में कुल 79,676 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। कांगड़ा जिला 14,590 नामांकनों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि मंडी जिला 14,517 नामांकनों के साथ दूसरे स्थान पर है। इन आंकड़ों में प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद के विभिन्न पदों के उम्मीदवार शामिल हैं।
अकेले नामांकन के आखिरी दिन ही प्रदेश भर में 37,114 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे भरे हैं। चंबा में 8,002, शिमला में 7,614 और सिरमौर में 5,970 उम्मीदवारों ने चुनावी दंगल में अपनी दावेदारी पेश की है। चंपा ठाकुर जैसे बड़े चेहरों के चुनावी मैदान में उतरने से जिला परिषद के चुनाव अब महज स्थानीय निकाय चुनाव न रहकर प्रतिष्ठा का सवाल बन गए हैं। अब देखना होगा कि मंडी की जनता इस बार चंपा ठाकुर पर कितना भरोसा जताती है।

