Global Politics News: वाशिंगटन से आई एक ताजा रिपोर्ट ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के गलियारों में हलचल मचा दी है। पेंटागन के ताजा अनुमानों के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई बंदरगाहों की नाकेबंदी ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ दी है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेल राजस्व में 4.8 अरब डॉलर की भारी गिरावट ने तेहरान को एक गहरे वित्तीय संकट में धकेल दिया है। यह नाकेबंदी उस कूटनीतिक और सैन्य दबाव की कहानी है, जो अब समुद्र की लहरों पर लिखी जा रही है।
समुद्र में फंसे 31 टैंकर और 5.3 करोड़ बैरल तेल
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस सैन्य नाकेबंदी का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है। वर्तमान में लगभग 5.3 करोड़ बैरल तेल से लदे 31 टैंकर खाड़ी के पानी में फंसे हुए हैं, जिन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिल रही है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक दो टैंकरों को अमेरिकी सेना ने जब्त भी किया है। अमेरिकी कार्रवाई के डर से मालवाहक जहाज अब चीन तक तेल पहुंचाने के लिए लंबे और महंगे रास्तों का सहारा ले रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना ईरान के लिए चुनौती
ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग अब ईरान के लिए किसी अभेद्य किले से कम नहीं रह गए हैं। यह पूरी कवायद ईरान पर उस युद्धविराम को स्वीकार करने का दबाव बनाने के लिए है, जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान कर रहा है। अमेरिका का स्पष्ट रुख है कि जब तक इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने का समझौता नहीं हो जाता, तब तक यह नाकेबंदी जारी रहेगी। पेंटागन के अनुसार, यह ईरानी शासन की आतंकी फंडिंग पर एक विनाशकारी प्रहार है।
इजरायल और खाड़ी देशों को $8.6 अरब के हथियारों की मंजूरी
वाशिंगटन ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अपने प्रमुख सहयोगियों के लिए हथियारों का पिटारा खोल दिया है। अमेरिका ने इजरायल, कतर, कुवैत और यूएई को 8.6 अरब डॉलर से अधिक के घातक हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह निर्णय क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए लिया गया है। गौरतलब है कि यह मंजूरी युद्ध के नौवें सप्ताह और हालिया संघर्ष विराम के तीन सप्ताह बाद आई है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सैन्य शक्ति को और अधिक मजबूत करना है।
निर्णायक मोड़ पर समुद्र में जारी शह और मात का खेल
जहां ईरान ने कुछ समय पूर्व होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का दावा किया था, वहीं अमेरिका की अडिग नीति ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव जोएल वैल्डेज ने कहा कि यह ऑपरेशन ईरानी शासन की अस्थिरता फैलाने की क्षमता पर सीधा प्रहार है। समुद्र में जारी यह शह और मात का खेल अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान इस भारी आर्थिक नुकसान के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले शांति प्रस्ताव को स्वीकार करता है।


