Israel News: पश्चिम एशिया में दो महीने से जारी भीषण संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजारों में खलबली मचा दी है। इजरायल के पूर्व डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) चक फ्रीलिच ने इस युद्ध के परिणामों पर गंभीर चिंता जताई है। उनके अनुसार, ईरान पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई सफल दिखने के बावजूद रणनीतिक मोर्चे पर विफल रही है। फ्रीलिच ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ, तो इजरायल के अस्तित्व पर संकट हमेशा बना रहेगा।
लक्ष्य से भटका सैन्य अभियान
हार्वर्ड और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से जुड़े सुरक्षा विशेषज्ञ प्रोफेसर चक फ्रीलिच का मानना है कि इस युद्ध के दो बुनियादी उद्देश्य थे—ईरान में सत्ता परिवर्तन और परमाणु कार्यक्रम का अंत। हालांकि, इनमें से एक भी लक्ष्य हासिल नहीं हो सका है। फ्रीलिच के अनुसार, सैन्य रूप से ईरान के मिसाइल उद्योगों को भारी चोट पहुंची है, लेकिन एक महाशक्ति अमेरिका के सामने टिके रहना ही ईरान अपनी नैतिक जीत मान रहा है। जब तक परमाणु खतरा बरकरार है, इजरायल को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
नेतन्याहू का शासन और भविष्य की चुनौतियां
घरेलू मोर्चे पर फ्रीलिच ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों को विनाशकारी करार दिया है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2023 की घटनाओं के बाद से जनता में भारी निराशा है और सर्वे बता रहे हैं कि नेतन्याहू दोबारा गठबंधन बनाने की स्थिति में नहीं होंगे। हालांकि, उन्होंने नेतन्याहू को एक चतुर राजनेता मानते हुए जल्दबाजी में खारिज न करने की सलाह दी है। इसके अलावा, उन्होंने हिजबुल्लाह की बची हुई सैन्य क्षमता को भी इजरायल के लिए एक निरंतर और बड़ा खतरा बताया है।


