Uttar Pradesh News: बुधवार को आई विनाशकारी आंधी और ओलावृष्टि के बाद आज एक बार फिर मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, अगले तीन घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब होने वाला है। प्रयागराज, कानपुर और चित्रकूट समेत 15 से अधिक जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने मध्य और दक्षिण-पूर्वी यूपी के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया है।
इन जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 15 जिलों को ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा है। प्रयागराज, संत रविदास नगर, जौनपुर और प्रतापगढ़ में भारी ओलावृष्टि हो सकती है। चित्रकूट, बांदा, कौशाम्बी और हमीरपुर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। फतेहपुर, जालौन और रायबरेली के लोग भी सतर्क रहें। कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव और औरैया में भी ओले गिरने की आशंका है। इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चल सकती है।
पूर्वांचल में येलो अलर्ट जारी
पूर्वांचल के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली और वाराणसी में हल्की बारिश होगी। गाजीपुर, आजमगढ़, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। धूल भरी आंधी भी लोगों को परेशान कर सकती है। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
पश्चिमी यूपी में भी बदलेगा मौसम
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले भी मौसम के बदलाव से अछूते नहीं रहेंगे। इटावा, आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में मेघगर्जन होगा। एटा, मुरादाबाद और रामपुर में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। राजधानी लखनऊ और कन्नौज के आसपास के क्षेत्रों में भी बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग ने ‘वार्निंग एरिया’ मैप जारी कर लोगों को खास सतर्कता बरतने को कहा है। खुले में न निकलने की सलाह दी गई है।
तापमान में आएगी बड़ी गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव से प्रदेश के मध्यवर्ती और पूर्वांचल के इलाकों में तापमान गिरेगा। अगले 24 घंटों के दौरान पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है। हालांकि, राहत लंबे समय तक नहीं टिकेगी। मई के शुरुआती 2-3 दिनों में तापमान फिर से 3 से 5 डिग्री बढ़ जाएगा। इसके बाद 4-5 मई को अगले पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
बुधवार की तबाही ने मचाया था हाहाकार
गुरुवार के अलर्ट से पहले बुधवार को मौसम ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई थी। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिस्थितियों के चलते आई आंधी-बारिश ने 14 लोगों की जान ले ली। इनमें से चार मौतें पूर्वांचल में और एक प्रयागराज में हुई। अवध क्षेत्र के विभिन्न जिलों में नौ लोगों ने अपनी जान गंवाई। यह आंकड़ा प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
पेड़ गिरे, ट्रेनें रुकीं, बिजली ठप
बुधवार की आंधी ने प्रदेश की जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जगहों पर पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए। इससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई रेलवे ट्रैक भी पेड़ गिरने से जाम हो गए, जिससे दर्जनों ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं। तार और बिजली के खंभे टूटने से गांव-गांव की बिजली गुल हो गई। कई इलाकों में बिजली व्यवस्था तार-तार हो गई। वहीं, दक्षिणी जिलों में तपिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा।


