Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का समाज कल्याण विभाग जन समस्याओं के समाधान में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। विभाग की जनकल्याणकारी नीतियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली का सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। ‘आईजीआरएस’ (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। इस डिजिटल व्यवस्था ने न केवल सरकारी तंत्र की जवाबदेही तय की है, बल्कि नागरिकों का भरोसा भी प्रशासन पर मजबूत किया है।
आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का रिकॉर्ड निस्तारण
समाज कल्याण विभाग ने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से मिली शिकायतों के समाधान में शानदार प्रदर्शन किया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पोर्टल पर दर्ज कुल 9,604 शिकायतों में से 8,896 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह 92.6 प्रतिशत की एक बेहतरीन सफलता दर है। इससे स्पष्ट होता है कि तकनीक के माध्यम से प्रशासन शिकायतों को लेकर कितना गंभीर है और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
ऑफलाइन शिकायतों के समाधान में भी विभाग अव्वल
सिर्फ डिजिटल ही नहीं, बल्कि ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर भी विभाग की सक्रियता बनी हुई है। पिछले दो वर्षों के दौरान प्राप्त हुई 1,035 लिखित शिकायतों में से 889 का समाधान किया गया है, जिसकी सफलता दर 85.9 प्रतिशत रही है। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो ग्रामीण इलाकों से जुड़े हैं और कागजी कार्यवाही के माध्यम से अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि हर व्यक्ति की सुनवाई हो।
वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति को प्राथमिकता
योगी सरकार का विशेष ध्यान समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बुजुर्गों और छात्रों पर है। वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति से जुड़ी शिकायतों को विभाग प्राथमिकता के आधार पर हल कर रहा है। समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होने से पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता मिलने में अब अनावश्यक देरी नहीं होती। विभाग की इस कार्यशैली ने योजनाओं की पहुंच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता आई है।
जरूरतमंदों तक सीधी मदद पहुंचाने का संकल्प
विभाग की सक्रियता का प्रत्यक्ष प्रमाण पिछले एक वर्ष के आंकड़ों में झलकता है, जहां 3,168 जरूरतमंदों को सीधे लाभ पहुंचाया गया है। केवल पिछले चार महीनों के भीतर ही 991 लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल इंडिया के विजन के साथ जुड़कर आईजीआरएस पोर्टल ने पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है, जिससे अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है और घर बैठे समस्याओं का हल मिल रहा है।


