Himachal News: देवभूमि हिमाचल प्रदेश अपने प्राचीन मंदिरों और चमत्कारों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कांगड़ा के रानीताल में स्थित मोके नड माता मंदिर गहरी आस्था का बड़ा केंद्र है। इस पवित्र मंदिर को लेकर एक बहुत अद्भुत मान्यता जुड़ी हुई है। स्थानीय लोगों का इस जगह पर बहुत अटूट विश्वास है। उनका मानना है कि यहां मौजूद एक विशेष पत्थर पर नमक चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से शरीर पर होने वाले अनचाहे मस्सों की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है।
चमत्कारी पत्थर से जुड़ी है लोगों की गहरी आस्था
कांगड़ा जिले का यह ऐतिहासिक मंदिर शिमला-मटौर फोरलेन मार्ग पर रानीताल के पास स्थित है। मुख्य सड़क से इस मंदिर की दूरी महज पंद्रह से बीस मीटर है। मंदिर परिसर के अंदर एक बहुत ही प्राचीन पत्थर मौजूद है। इस पत्थर पर प्राकृतिक रूप से मस्सों जैसी आकृतियां बनी हुई हैं। श्रद्धालु इस चमत्कारी पत्थर के दर्शन करने के लिए भारी संख्या में पहुंचते हैं। लोग इस पत्थर की पूजा करके अपनी त्वचा संबंधी बीमारियों से छुटकारा पा लेते हैं।
बीमारी दूर करने के लिए होती है विशेष परिक्रमा
इस पवित्र मंदिर में मन्नत मांगने की एक बहुत ही खास और प्राचीन परंपरा है। श्रद्धालु सबसे पहले इस चमत्कारी पत्थर के पास धूप जलाकर सच्ची श्रद्धा से पूजा करते हैं। इसके बाद बीमारी से छुटकारा पाने के लिए इस पत्थर की विशेष परिक्रमा की जाती है। लोग अपने शरीर पर उभरे अनचाहे मोकों यानी मस्सों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। कई श्रद्धालुओं ने यहां मन्नत मांगकर अपनी इस पुरानी शारीरिक समस्या से हमेशा के लिए निजात पाई है।
मन्नत पूरी होने पर नमक चढ़ाने की है प्राचीन परंपरा
इस मंदिर को लेकर एक बहुत ही दिलचस्प धार्मिक नियम जुड़ा हुआ है। जब किसी श्रद्धालु की मन्नत पूरी हो जाती है, तो उसे दोबारा इस मंदिर में आना पड़ता है। लोग मस्सों की बीमारी ठीक होने के बाद आभार जताने के लिए यहां आते हैं। श्रद्धालु अपने साथ प्रसाद के रूप में नमक लेकर आते हैं। वे उस चमत्कारी पत्थर पर नमक चढ़ाकर माता का धन्यवाद करते हैं। यह प्राचीन और अनोखी परंपरा आज भी पूरी तरह से कायम है।


