UP में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अब बैलेंस खत्म होने पर तुरंत नहीं कटेगी बिजली

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं, विशेषकर मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में किए गए ऐतिहासिक बदलावों के तहत अब 1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं का बैलेंस खत्म होने के बाद भी 30 दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप नहीं होगी। सरकार के इस संवेदनशील फैसले से प्रदेश के लगभग 67 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने जा रहा है।

1 किलोवाट उपभोक्ताओं को 30 दिन की मोहलत

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद पहले उपभोक्ताओं के पास रिचार्ज के लिए केवल 3 दिन का समय होता था, जिसके बाद कनेक्शन स्वतः कट जाता था। नई व्यवस्था के तहत 1 किलोवाट लोड वाले 43 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को अब 30 दिनों का अतिरिक्त समय मिलेगा। इस अवधि में उपभोक्ता अपना बैलेंस रिचार्ज कर सकते हैं। यदि 30 दिन बीत जाने के बाद भी रिचार्ज नहीं किया गया, तभी बिजली आपूर्ति बंद की जाएगी।

2 किलोवाट लोड पर इमरजेंसी क्रेडिट की सुविधा

सरकार ने 1 किलोवाट से अधिक और 2 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन वाले 24 लाख उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत दी है। ऐसे उपभोक्ताओं को ‘इमर्जेंसी क्रेडिट’ की सुविधा दी गई है। अब 200 रुपये तक का नेगेटिव बैलेंस होने पर भी बिजली नहीं कटेगी। उदाहरण के लिए, यदि बैलेंस खत्म होने के तीन दिन बाद भी बकाया राशि 200 रुपये से कम है, तो सप्लाई जारी रहेगी। यह कदम गरीब परिवारों को बिजली संकट से बचाने के लिए उठाया गया है।

अगले रिचार्ज में होगा बकाया राशि का समायोजन

इमरजेंसी क्रेडिट अवधि या राहत की अवधि के दौरान जितनी भी बिजली इस्तेमाल की जाएगी, उसकी राशि उपभोक्ता के अगले रिचार्ज से स्वतः काट ली जाएगी। विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब कनेक्शन काटने से पहले 5 अनिवार्य एसएमएस अलर्ट भेजने का भी नियम बनाया है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे ‘UPPCL Smart’ ऐप के जरिए अपनी खपत पर नजर रखें और समय रहते रिचार्ज कराएं ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

छुट्टियों और रात के समय नहीं कटेगी बिजली

नई नियमावली में मानवीय पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया है। अब शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे के बीच किसी भी स्थिति में बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इसके अलावा रविवार, महीने के दूसरे शनिवार और सभी सार्वजनिक अवकाशों पर बिजली की सप्लाई निरंतर जारी रहेगी, भले ही बैलेंस नेगेटिव क्यों न हो जाए। यह सुनिश्चित किया गया है कि विशेष अवसरों या अवकाश के दौरान जनता को अंधेरे में न रहना पड़े।

स्मार्ट तकनीक से बिजली प्रबंधन होगा आसान

प्रदेश में अब तक लगभग 83 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह आधुनिक तकनीक मोबाइल प्रीपेड सिस्टम की तरह काम करती है, जिसमें ‘पहले रिचार्ज, फिर उपयोग’ का सिद्धांत लागू है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से न केवल उपभोक्ताओं की परेशानी कम होगी, बल्कि बिजली चोरी पर लगाम लगेगी और विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा। राहत का यह नया मॉडल पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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