Ghaziabad News: उत्तरांचल विहार सोसाइटी में 80 वर्षीय बुजुर्ग रमेश चंद शर्मा की बेरहमी से हुई हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस खौफनाक वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि घर में काम करने वाली सहायिका के पति, उसकी नाबालिग बेटी और भांजे ने अंजाम दिया था। लूट के इरादे से घर में घुसे आरोपियों ने जब तिजोरी खाली पाई, तो पकड़े जाने के डर से बुजुर्ग का गला घोंट दिया।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी के अनुसार, वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी थीं। शुक्रवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बेहटा हाजीपुर गांव के पास घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी आनंद शर्मा ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से आनंद घायल हो गया, जिसे पुलिस ने दबोच लिया। उसके पास से लूटी गई चांदी की अंगूठी, पायल और नकदी बरामद हुई है।
बेटी ने दी थी रुपयों की जानकारी
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लूट की पूरी योजना आनंद की 13 वर्षीय बेटी ने बनाई थी। वह साढ़े तीन माह पहले मृतक के घर काम करती थी और उसने वहां तिजोरी में भारी रकम देखी थी। चोरी के आरोप में काम से हटाए जाने के बाद उसने अपने पिता और ममेरे भाई प्रियांशु को उकसाया। आरोपियों को लगा था कि घर में लाखों रुपये मिलेंगे, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नकदी न मिलने पर वे हिंसक हो गए।
पांच दिन तक की गई घर की रेकी
आरोपित आनंद ने कुबूल किया कि वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने पांच दिनों तक बुजुर्ग के घर की रेकी की थी। उन्हें पता था कि मृतक के बेटे विकास और गौरव कब काम पर जाते हैं। 29 अप्रैल को जब दोनों बेटे घर से बाहर थे, तब तीनों आरोपी घर में दाखिल हुए। जब बुजुर्ग रमेश चंद ने शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें अंदर के कमरे में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया।
सीसीटीवी और सर्विलांस से मिला सुराग
हत्या के बाद घरेलू सहायिका रेखा का फोन बंद होना पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। सर्विलांस और सीडीआर जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर आनंद, उसकी बेटी और भांजे की मौजूदगी की पुष्टि हुई। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार पिता को जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग बेटी और भांजे को बाल सुधार गृह भेजा गया है।


