Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी में सूरज के बढ़ते तेवर और भीषण लू को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ को लेकर हाई-लेवल मीटिंग की है। सरकार ने इस बार गर्मी से निपटने के लिए बेहद वैज्ञानिक और आधुनिक रणनीति तैयार की है। रणनीति के केंद्र में स्कूली छात्र, निर्माण मजदूर और बेजुबान पशु-पक्षी रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी के दौरान नागरिक सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए।
स्कूलों में ओआरएस और निर्माण कार्यों पर दोपहर में पाबंदी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिया है कि भीषण लू की स्थिति में स्कूली बच्चों को छुट्टी से पहले परिसर में ही ओआरएस (ORS) का घोल पिलाया जाएगा। इससे घर लौटते समय बच्चों में डिहाइड्रेशन या हीट स्ट्रोक का खतरा कम होगा। वहीं, निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के लिए भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक खुले में काम करने पर पूरी तरह रोक रहेगी। मजदूरों को टोपी, गमछा और कार्यस्थल पर मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएगी।
बिजली की रिकॉर्ड मांग और निर्बाध सप्लाई की चुनौती
दिल्ली में इस बार बिजली की पीक डिमांड 9,000 मेगावाट के पार पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल के 8,442 मेगावाट से काफी अधिक है। मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है कि हॉटस्पॉट इलाकों में सप्लाई में कोई कटौती नहीं होनी चाहिए। पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली में पारा लगातार 40 दिनों तक 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। सरकार इस ‘हीट आइलैंड’ प्रभाव को कम करने के लिए विशेष ग्रिड मैनेजमेंट पर काम कर रही है।
कश्मीरी गेट पर कूल रूफ तकनीक का सफल प्रयोग
तापमान घटाने के लिए सरकार ने ‘कूल रूफ पॉलिसी 2026’ के तहत नई तकनीक अपनाई है। कश्मीरी गेट आईएसबीटी (ISBT) की छतों पर लगभग 28,674 वर्ग फुट क्षेत्र में रिफ्लेक्टिव कोटिंग का काम पूरा कर लिया गया है। यह कोटिंग सूर्य की किरणों को परावर्तित कर बिल्डिंग के अंदरूनी तापमान को काफी कम रखेगी। सरकार का लक्ष्य इस तकनीक को अन्य सरकारी इमारतों और रैन बसेरों तक ले जाना है ताकि आम लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।
अस्पतालों में तैयार हुए स्पेशल ‘कूल रूम’ और मोबाइल मेडिकल टीमें
स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखते हुए दिल्ली के सभी 13 जिलों के 339 हेल्थ सेंटरों को तैयार किया गया है। लगभग 30 बड़े सरकारी अस्पतालों में 5-5 बेड वाले विशेष ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं, जहां हीट वेव पीड़ितों का तत्काल उपचार होगा। इसके अलावा, सड़कों पर लू से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को पशु-पक्षियों के लिए पानी के कुंड और छायादार स्थानों के इंतजाम पुख्ता करने को कहा है।
