ग्राम प्रधान इसराना का कमाल: 35 की उम्र और जिम्मेदारियों के बीच हाईस्कूल में गाड़े सफलता के झंडे

Uttarakhand News: उत्तराखंड के रुड़की ब्लॉक से महिला सशक्तीकरण की एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जिसने साबित कर दिया कि हौसले के आगे उम्र महज एक आंकड़ा है। ग्राम टोडा कल्याणपुर अहतमाल की वर्तमान प्रधान इसराना ने 35 साल की उम्र में हाईस्कूल की परीक्षा न केवल पास की, बल्कि 78.8 प्रतिशत अंक हासिल कर सबको चौंका दिया। घर-परिवार और पूरे गांव की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने पढ़ाई के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया।

सामाजिक बेड़ियों को तोड़कर हासिल किया मुकाम

इसराना ने रुड़की के चौधरी बालचंद सैनी इंटर कॉलेज, ढंडेढी ख्वाजगींपुर से अपनी बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने अपनी इस सफलता से उन तमाम रूढ़ियों को करारा जवाब दिया है, जो अक्सर महिलाओं की शिक्षा के आड़े आती हैं। इसराना का कहना है कि उनके समाज में महिलाओं के लिए शिक्षा के अवसर सीमित हैं और पारिवारिक बोझ उन्हें पीछे धकेल देता है। हालांकि, मजबूत इरादों ने उन्हें आज क्षेत्र की महिलाओं के लिए मिसाल बना दिया है।

पति के सहयोग से पूरी हुई शिक्षा की डगर

ग्राम प्रधान की इस शैक्षणिक यात्रा में उनके पति और उप प्रधान अब्दुल वाजिद ने रीढ़ की हड्डी की तरह साथ निभाया। इसराना अपनी सफलता का श्रेय अपने पति के निरंतर सहयोग और प्रेरणा को देती हैं। उनका मानना है कि अगर परिवार का साथ मिले, तो कोई भी महिला अपने सपनों को हकीकत में बदल सकती है। पंचायत के कार्यों के बीच समय निकालकर पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प ने इसे मुमकिन कर दिखाया।

महिलाओं से अपील: सपनों को न दें दबने

अपनी इस शानदार उपलब्धि के बाद इसराना अब गांव की दूसरी महिलाओं और बेटियों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा ही वह एकमात्र ताकत है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बना सकती है और समाज में उन्हें सम्मानजनक पहचान दिला सकती है। उन्होंने अपील की है कि महिलाएं अपनी उम्र या जिम्मेदारियों को बाधा न मानें और अपने अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए बिना डरे कदम आगे बढ़ाएं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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