West Champaran News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। ऐतिहासिक बेतिया राज पैलेस को विश्व धरोहर के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के कड़े निर्देशों के बाद अब राज परिसर के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और इसे अतिक्रमण मुक्त बनाने की प्रक्रिया में जबरदस्त तेजी आई है। इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए प्रशासन अब आर-पार के मूड में नजर आ रहा है।
14 एकड़ भूमि की पैमाइश शुरू
एडीएम सह बेतिया राज प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा ने 14 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर की विस्तृत पैमाइश कराने का आधिकारिक निर्देश जारी कर दिया है। इसके लिए अमीनों की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो नजरी नक्शे के आधार पर काम कर रही है। टीम को निर्देश दिया गया है कि वे अतिक्रमित भूमि का खाता, खेसरा और रकवा की सटीक सूची तैयार करें ताकि अवैध कब्जों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
अतिक्रमणकारियों में मची भारी खलबली
जैसे ही अमीनों ने पैमाइश का काम शुरू किया, राज परिसर के आसपास अवैध रूप से बसे लोगों और अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पैमाइश के बाद जो भी भूमि अतिक्रमित पाई जाएगी, उसे हर हाल में खाली कराया जाएगा। इसके अलावा, राज परिसर के भीतर जो भवन लीज या किराए पर दिए गए हैं, उन्हें भी खाली कराने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन की इस पहल से जर्जर हो चुके ऐतिहासिक राजमहल, रानी निवास, शीश महल और राजकचहरी की पुरानी चमक लौटने की उम्मीद जगी है। बेतिया राज कर्मचारी संघ ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण में परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा रहा है।
