Bihar News: समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इस रूट पर रेल लाइन दोहरीकरण का प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जुलाई के बाद इस व्यस्त रेल मार्ग के दोनों ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की पूरी संभावना है। शनिवार को पूर्व मध्य रेलवे के प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर ने थलवारा से रामभद्रपुर के बीच नए ट्रैक का सघन निरीक्षण किया।
उच्चाधिकारियों ने परखा ट्रैक: सुरक्षा और गुणवत्ता की हुई बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर ने रेल पुलों, ओवरहेड वायर और सिग्नलिंग सिस्टम का बारीकी से जायजा लिया। उनके साथ निर्माण और अभियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। रेलवे सूत्रों ने पुष्टि की है कि रामभद्रपुर से थलवारा के बीच तीसरे चरण का काम सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। यह खंड समस्तीपुर-दरभंगा रेल मार्ग के लिए सामरिक और व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्पीड ट्रायल का आगाज: अब सीआरएस की हरी झंडी का है बेसब्री से इंतजार
ट्रैक बिछाने और बिजलीकरण का कार्य पूरा होते ही रेलवे ने इस खंड पर स्पीड ट्रायल शुरू कर दिया है। ट्रायल के माध्यम से ट्रैक की मजबूती और ट्रेनों की रफ्तार क्षमता को परखा जा रहा है। स्पीड ट्रायल के सफल समापन के बाद अगला बड़ा कदम कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) का निरीक्षण होगा। रेलवे जल्द ही सीआरएस निरीक्षण के लिए तारीख तय करेगा। सीआरएस की अंतिम मंजूरी मिलते ही इस दोहरी लाइन पर नियमित ट्रेनों का परिचालन आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगा।
जुलाई तक औपचारिकताएं होंगी पूरी: यात्रियों को घंटों की देरी से मिलेगी मुक्ति
रेलवे अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि बचे हुए सभी तकनीकी और औपचारिक कार्य जुलाई महीने तक पूरे कर लिए जाएंगे। इसके संपन्न होते ही समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड का दोहरीकरण अभियान पूरी तरह से सफल हो जाएगा। इस परियोजना के चालू होने से ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी खत्म होगी। परिचालन सुचारू होने से न केवल यात्री ट्रेनों को फायदा होगा, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही भी काफी तेज हो जाएगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार: समय की बचत और सुगम यात्रा का वादा
दोहरीकरण का कार्य पूरा होने से मिथिलांचल के इस प्रमुख रेल रूट पर यात्रा करना पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होगा। ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा, जिससे दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे का मानना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय व्यापार और विकास को नई गति मिलेगी। जुलाई के अंत तक इस रूट पर दोनों लाइनों का उपयोग शुरू होने से उत्तर बिहार के परिवहन ढांचे में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
