Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित मां बेल्हा देवी धाम जंक्शन पर रविवार को रेल यातायात पूरी तरह चरमरा गया। साकेत एक्सप्रेस और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंचीं। ट्रेनों की इस लेटलतीफी के कारण प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों इंतजार करने के बाद यात्री काफी परेशान और बेहाल नजर आए।
स्टेशन अधीक्षक ने दी देरी से पहुंचने वाली ट्रेनों की जानकारी
स्टेशन अधीक्षक जेपी शुक्ला ने बताया कि रविवार को आधा दर्जन से अधिक प्रमुख ट्रेनें विलंब का शिकार हुईं। अयोध्या कैंट से मुंबई जाने वाली साकेत सुपरफास्ट 25 मिनट की देरी से पहुंची। वहीं, वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी 25 मिनट लेट रही। आनंद विहार से पुरी जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस 20 मिनट और वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी 12 मिनट विलंब से जंक्शन पर आई। इससे यात्रियों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया।
पैसेंजर और स्पेशल ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित
लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ लोकल और स्पेशल ट्रेनों की स्थिति और भी खराब रही। प्रयागराज संगम से लखनऊ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन सबसे ज्यादा 1 घंटे 17 मिनट देरी से पहुंची। लखनऊ से प्रयाग आने वाली परीक्षा स्पेशल भी 51 मिनट लेट रही। कानपुर सेंट्रल से आने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस 49 मिनट की देरी से जंक्शन पहुंची। ट्रेनों के समय में इस बड़े बदलाव के कारण जंक्शन पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
भीड़ के कारण कोच में प्रवेश करना बना चुनौती
जब साकेत एक्सप्रेस जंक्शन पर पहुंची, तो उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच जबरदस्त होड़ मच गई। जनरल और स्लीपर कोच में प्रवेश पाने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्लेटफॉर्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को काफी कठिनाई हुई। रेलवे प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने में जुटा रहा, लेकिन यात्रियों की भारी संख्या के सामने इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
यात्री सुविधाओं और रेलवे प्रबंधन पर उठे सवाल
रेलवे की इस अव्यवस्था को लेकर यात्रियों ने नाराजगी जाहिर की है। कई यात्रियों का कहना था कि ट्रेनों के सही समय की जानकारी न मिलने से उन्हें परेशानी हुई। नई दिल्ली से वाराणसी जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी 48 मिनट की देरी से आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि रविवार को होने वाली इस भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे को अतिरिक्त इंतजाम करने चाहिए थे, ताकि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मिल सके।
