Uttar Pradesh News: सहारनपुर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के जिलाध्यक्ष सुरेश कश्यप के साथ मारपीट और बदसलूकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय की है, जहां पार्टी की महिला पदाधिकारियों ने ही अपने जिलाध्यक्ष को पीट दिया। आरोप है कि बीच-बचाव करने आए स्टाफ के सामने जिलाध्यक्ष के कपड़े फाड़ दिए गए और उनसे मोबाइल छीनने की कोशिश हुई। पुलिस ने इस मामले में पंचायत सहायक और महिला पदाधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मानदेय विवाद सुलझाने पहुंचे थे जिलाध्यक्ष, खुद बन गए शिकार
सुभासपा जिलाध्यक्ष सुरेश कश्यप को सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत कोलाखेड़ी की पंचायत सहायक सुमन के मानदेय भुगतान को लेकर पार्टी की महिलाएं धरना दे रही हैं। आरोप था कि महिलाएं कार्यालय में कर्मचारियों से गाली-गलौज कर रही थीं। स्थिति संभालने के उद्देश्य से जब सुरेश कश्यप विकास भवन पहुंचे, तो वहां मौजूद सुमन पूनिया, उसके परिजनों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान थप्पड़ और लातों से जिलाध्यक्ष की पिटाई की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
सदर बाजार थाना पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू
जिलाध्यक्ष की शिकायत पर थाना सदर बाजार पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने सुमन पूनिया, उसके दो बेटों, चाचा और गीता व बबीता नाम की महिलाओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी कपिल देव ने पुष्टि की है कि विकास भवन में हुए हंगामे और मारपीट की घटना की जांच की जा रही है। चश्मदीदों और कार्यालय के स्टाफ से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सराय हिसामुद्दीन में खूनी संघर्ष, घर में घुसकर गर्भवती को पीटा
सहारनपुर के ही सराय हिसामुद्दीन इलाके से मारपीट की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ मामूली कहासुनी के बाद पड़ोसियों ने एक घर में घुसकर जमकर लाठियां चलाईं। हमले में गर्भवती महिला गुलनाज, उनकी सास बदरूलनिसा और देवर शाहजेब गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। गुलनाज ने पुलिस को बताया कि 25 अप्रैल की रात को पड़ोसियों ने उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया। पुलिस ने इस मामले में भी शिकायत दर्ज कर घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा है।
जिले में कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल, पुलिस अलर्ट
एक ही दिन में दो अलग-अलग क्षेत्रों में हुई इन हिंसक घटनाओं ने जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दल के भीतर की गुटबाजी अब सड़कों और सरकारी दफ्तरों तक पहुँच गई है। पुलिस प्रशासन ने दोनों ही मामलों में आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इन घटनाओं के बाद से दोनों इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
