Uttar Pradesh News: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बरगदवा क्षेत्र में रविवार तड़के सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गश्त के दौरान जवानों ने एक संदिग्ध कंटेनर से करीब तीन क्विंटल गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में एक ट्रक चालक और एक तस्कर को हिरासत में लिया गया है। एसएसबी ने पकड़े गए सामान और आरोपियों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है।
नौतनवा-ठूठीबारी मार्ग पर संदिग्ध कंटेनर बरामद
एसएसबी की बार्डर आउट पोस्ट (BOP) के जवान भोर में सीमावर्ती पड़ियाताल क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पिपरा गांव के पास संदिग्ध हालात में खड़े एक कंटेनर पर पड़ी। जवानों को पास आता देख मौके पर मौजूद कुछ लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। संदेह होने पर जब कंटेनर की गहन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर छिपाया गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
काठमांडू से दिल्ली भेजने की थी खतरनाक योजना
शुरुआती जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि नशे की यह बड़ी खेप नेपाल की राजधानी काठमांडू से लाई गई थी। तस्करों ने पहले गांजे को पिपरा गांव के एक गुप्त गोदाम में डंप किया था। इसके बाद इसे कंटेनर के जरिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भेजने की तैयारी थी। एसएसबी की सतर्कता के कारण तस्करी की यह योजना विफल हो गई। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
थाने के करीब गोदाम होने से पुलिस पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात गोदाम की लोकेशन है। जिस जगह गांजा छिपाकर रखा गया था, वह बरगदवा थाने से महज दो किलोमीटर दूर है। पुलिस की नाक के नीचे इतनी बड़ी तस्करी होने से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। आखिर पुलिस को इतनी बड़ी खेप की भनक क्यों नहीं लगी? इस मुद्दे पर अब विभाग के भीतर भी चर्चा तेज हो गई है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी पुलिस
थानाध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि बरामद गांजे की गुणवत्ता और कीमत का आकलन किया जा रहा है। पुलिस फरार तस्करों की पहचान के लिए हिरासत में लिए गए लोगों से कड़ी पूछताछ कर रही है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि जांच को गहराई तक ले जाया जाएगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
