Uttar Pradesh News: भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने ककरहवा बॉर्डर पर शनिवार देर शाम एक नेपाली युवक को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान आरोपित के पास से 240 प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद की गईं। पकड़े गए युवक की पहचान नेपाल के लुम्बिनी निवासी गोविंद प्रसाद के रूप में हुई है। सुरक्षा बलों ने आरोपित के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
ककरहवा बॉर्डर पर सघन तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को मिली सफलता
43वीं वाहिनी एसएसबी की ककरहवा चौकी और पुलिस की संयुक्त टीम सीमा पर नियमित जांच कर रही थी। मुख्य जांच चौकी पर आने-जाने वाले लोगों की सघन तलाशी ली जा रही थी। इसी बीच जवानों ने एक संदिग्ध युवक को भारत से नेपाल की ओर जाते हुए देखा। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जवानों ने उसे रोककर कड़ाई से पूछताछ की। इसके बाद जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा बरामद हुआ।
पूछताछ में तस्करी के खेल का हुआ खुलासा, स्वयं सेवन का किया दावा
गिरफ्तार युवक गोविंद प्रसाद ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह इन नशीली दवाओं को नोनहवा क्षेत्र से किसी अज्ञात व्यक्ति से खरीदकर लाया था। उसने दावा किया कि वह इन गोलियों का उपयोग स्वयं के सेवन के लिए करने वाला था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह किसी बड़े तस्करी गिरोह का हिस्सा तो नहीं है।
सुरक्षा टीम की मुस्तैदी ने नाकाम की तस्करी की योजना, आरोपित जेल रवाना
कार्रवाई करने वाली संयुक्त टीम में एसएसबी उपनिरीक्षक पीके गागटे, पवन कुमार और पुलिस के मुख्य आरक्षी उमेश कुमार शामिल रहे। इनके साथ मनोज कुमार और आत्मानंद यादव ने भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने बरामद गोलियों को जब्त कर लिया और आरोपित के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई पूरी की। इसके बाद रविवार को पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
