Himachal News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में जालसाजी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां लग्जरी गाड़ियों में सवार कुछ शातिरों ने खुद को आबकारी विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर शराब ठेकों पर जमकर लूट मचाई। इन आरोपियों ने वर्दी और पद का रौब दिखाकर सेल्समैन को डराया और बिना पैसे दिए महंगी शराब व बीयर की बोतलें ले उड़े। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में सदर थाना हमीरपुर में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
यूनिक वाइंस के मालिक ने पुलिस को बताई आपबीती
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब यूनिक वाइंस के साझेदार सौरभ कटोच ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अज्ञात व्यक्ति उनके ठेकों पर धमक रहे हैं। ये लोग खुद को राज्य आबकारी विभाग का जिम्मेदार अधिकारी बताते हैं। इस झूठी पहचान का सहारा लेकर वे वहां काम करने वाले कर्मचारियों को बुरी तरह डराते-धमकाते हैं। उनकी मुख्य मांग मुफ्त में शराब और बीयर हासिल करना होती है, जिसे न देने पर वे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हैं।
लग्जरी बीएमडब्ल्यू और आई-20 कार का हुआ इस्तेमाल
शिकायतकर्ता ने उन गाड़ियों का विवरण भी पुलिस को सौंपा है जिनका इस्तेमाल इन वारदातों में किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक शातिर व्यक्ति बीएमडब्ल्यू गाड़ी (नंबर HP 84 0040) में सवार होकर आया था। वहीं, उसका दूसरा साथी आई-20 कार (नंबर HP 22 F 1461) में पहुंचा था। इन महंगी गाड़ियों को देखकर ठेके के कर्मचारियों को भी शक नहीं हुआ और उन्होंने आरोपियों को सचमुच का सरकारी अधिकारी समझ लिया। पुलिस अब इन विशिष्ट नंबरों के जरिए इनके असली मालिकों का पता लगा रही है।
मट्टन सिद्ध से भिरा तक आरोपियों का आतंक
इन शातिरों ने योजनाबद्ध तरीके से जिले के कई इलाकों को अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने 18 अप्रैल को मट्टन सिद्ध स्थित ठेके पर दस्तक दी। इसके अगले दिन यानी 19 अप्रैल को वे बड़सर के भिरा क्षेत्र में पहुंच गए। इतना ही नहीं, 24 अप्रैल की रात करीब साढ़े सात बजे आरोपी दोबारा बीएमडब्ल्यू कार में सवार होकर ठेके पर धमके। उन्होंने सेल्समैन को धमकाया कि यदि उन्हें मुफ्त शराब नहीं मिली तो वे ठेके का लाइसेंस रद्द करवा देंगे या उन्हें झूठे केस में फंसा देंगे।
पुलिस की तकनीकी जांच और मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग
हमीरपुर पुलिस ने इस गंभीर मामले की जांच के लिए कई पहलुओं पर काम शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में दिए गए गाड़ी नंबरों और संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि चेहरों की पहचान हो सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अधिकारियों के नाम पर डराने और ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
