Chandigarh News: मणिपुर की रहने वाली एबम देवी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला अदालत ने एक बड़े किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में आरोपी एबम देवी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी कर दिया है। 17 अप्रैल को मामले की सुनवाई के दौरान एबम अदालत में पेश नहीं हुई, जिसके बाद कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसकी जमानत भी रद्द कर दी है। अब पुलिस ने आरोपी महिला की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है।
2019 में पीजीआई में हुआ था बड़ा खुलासा
यह पूरा मामला साल 2019 का है, जब चंडीगढ़ के प्रसिद्ध पीजीआई (PGI) अस्पताल में एक अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। पुलिस जांच में पता चला था कि यह गिरोह देश के दूर-दराज के इलाकों से गरीब और भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर चंडीगढ़ लाता था। गिरोह के सदस्य डोनर को बहला-फुसलाकर उनकी किडनी निकलवा लेते थे और फिर जरूरतमंद मरीजों से मोटी रकम वसूलते थे।
ढाई लाख में बेची थी खुद की किडनी
मामले की जांच में एबम देवी के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। पुलिस के अनुसार, एबम ने पहले खुद अपनी किडनी ढाई लाख रुपये में बेची थी। इसके बाद वह खुद इस अवैध गिरोह का हिस्सा बन गई। वह मणिपुर से एक अन्य महिला को चंडीगढ़ में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाई थी। यहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उस महिला की किडनी एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसप्लांट करने की साजिश रची थी।
फर्जी दस्तावेजों का किया गया था इस्तेमाल
इस अवैध धंधे को अंजाम देने के लिए गिरोह के सदस्यों ने फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज भी तैयार किए थे। जांच में सामने आया था कि गिरोह के सरगना ने एक मरीज से किडनी ट्रांसप्लांट के बदले कुल 4.50 लाख रुपये की मांग की थी। इसमें 2 लाख रुपये एडवांस और बाकी रकम ऑपरेशन के बाद ली जानी थी। पुलिस ने उस समय एबम को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन गिरोह के अन्य सदस्य फरार होने में सफल रहे थे।
