Uttar Pradesh News: जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपद के हथौड़ा और सिधौना गांवों का औचक निरीक्षण कर फार्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद, बीज और ऋण जैसी बुनियादी सरकारी सुविधाओं के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अब अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने हथौड़ा गांव में रविवार को 14 नई रजिस्ट्रियां होने पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष बचे सभी किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरा किया जाए।
सरकारी लाभ के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अब हर किसान के लिए जरूरी
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि भविष्य में कृषि योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा। इसमें फसल बीमा, कृषि आपदा राहत और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं। डीएम ने कहा कि सरकार पारदर्शिता लाने के लिए प्रत्येक जोत का डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रही है। उन्होंने लेखपालों को सख्त निर्देश दिए कि गांव से बाहर रहने वाले किसानों के परिवारों से संपर्क करें। उनके दस्तावेज मंगाकर उनकी रजिस्ट्री प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
खतौनी की त्रुटियों का तत्काल समाधान और रिक्त पदों को भरने के निर्देश
सिधौना गांव के दौरे के दौरान डीएम ने एसडीएम सैदपुर ज्योति चौरसिया के साथ प्रगति रिपोर्ट जांची। उन्होंने खतौनी में नाम संशोधन और तकनीकी त्रुटियों को तत्काल निराकरण करने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने सिधौना की पंचायत सहायक भारती मिश्रा के आकस्मिक निधन पर दुख जताया। उन्होंने जनपद में पंचायत सहायकों के सभी रिक्त पदों को दो दिन के भीतर भरने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। प्रशासन की इस सक्रियता से किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद जगी है।
प्रशासनिक अमला सक्रिय: सिधौना और हथौड़ा में काम में तेजी लाने के आदेश
निरीक्षण के समय बीडीओ धर्मेंद्र यादव, एडीओ पंचायत रमेश सिंह और नायब तहसीलदार सैदपुर सहित राजस्व टीम मौजूद रही। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि रजिस्ट्री कार्य में ढिलाई पाई गई तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने पंचायत सचिवों को निर्देशित किया कि वे घर-घर जाकर किसानों को जागरूक करें। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी खतौनी और पहचान पत्र के साथ केंद्रों पर पहुंचें। यह डिजिटल पहल भविष्य में बिचौलियों की भूमिका खत्म कर सीधे किसानों तक लाभ पहुंचाएगी।
