Washington: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप एक बार फिर जानलेवा साजिश का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर (WHCD) के दौरान सुरक्षा में भारी चूक और हमले की योजना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। करीब दो घंटे तक चले हाई-अलर्ट के माहौल के बाद ट्रंप ने सुरक्षित रूप से राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने साफ किया कि बड़े बदलाव करने वालों को हमेशा निशाना बनाया जाता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरी साजिश के पीछे छिपे बड़े नेटवर्क की तलाश कर रही हैं।
WHCD में सुरक्षा चूक और ट्रंप का साहसिक संबोधन
व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डोनल्ड ट्रंप 2015 के बाद पहली बार इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान हमले की साजिश की खबर मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। ट्रंप ने बाद में व्हाइट हाउस से सीधे जनता से बात की। उन्होंने फॉक्स न्यूज के सवालों का जवाब देते हुए खुद की तुलना अब्राहम लिंकन जैसे महान नेताओं से की। ट्रंप ने कहा कि जिनका प्रभाव अधिक होता है, उन्हें अक्सर निशाना बनाया जाता है।
हमलों के पीछे ट्रंप ने बताया बड़ा कारण
ट्रंप ने बार-बार हो रहे हमलों पर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने कहा कि देश में किए गए बड़े बदलावों के कारण बहुत से लोग उनसे नाखुश हैं। इसी नाराजगी के चलते उन्हें लगातार धमकियां और हमले झेलने पड़ रहे हैं। ट्रंप ने स्वीकार किया कि हालांकि वह एक खतरनाक जीवन जी रहे हैं, लेकिन वह मानसिक रूप से काफी मजबूत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह टूटने वाले इंसानों में से नहीं हैं और वह एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही अपनी दिनचर्या जीते हैं।
पुराने हमलों की याद और बढ़ता सुरक्षा खतरा
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप की जान पर खतरा मंडराया हो। जुलाई 2024 में पेनसिल्वेनिया की रैली के दौरान उन पर सीधा हमला हुआ था। उस वक्त थॉमस क्रूक्स नामक हमलावर ने उन पर गोलियां चलाई थीं, जिससे ट्रंप के कान में चोट आई थी। इसके बाद सितंबर 2024 में फ्लोरिडा के गोल्फ कोर्स पर भी एक हथियारबंद व्यक्ति पकड़ा गया था। इसी साल फरवरी में मार-ए-लागो रिजॉर्ट में भी एक युवक शॉटगन के साथ घुसने की कोशिश करते हुए सुरक्षा बलों द्वारा मारा गया था।
साजिश की गहराई खंगाल रही हैं जांच एजेंसियां
ताजा घटना के बाद पकड़े गए आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह किसी एक व्यक्ति की सनक थी या इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क काम कर रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की बढ़ती सक्रियता के साथ उन पर खतरों का ग्राफ भी बढ़ा है। फिलहाल एजेंसियां हमलावर के पुराने रिकॉर्ड और उसके संपर्कों की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह से रोका जा सके।
