Prayagraj News: प्रयागराज की नैनी स्थित जिला जेल में टीवी देखने को लेकर कैदियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। रिमोट पर कब्जे की इस लड़ाई ने इतना तूल पकड़ा कि जेल परिसर युद्ध का मैदान बन गया। इस मारपीट में कई बंदी घायल हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि जब ड्यूटी पर तैनात बंदीरक्षक बीच-बचाव करने पहुंचा, तो गुस्साए बंदियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
रिमोट के लिए आमने-सामने आए गुट
यह पूरा विवाद जिला जेल की बैरक संख्या एक में हुआ। शाम के वक्त बैरक बंद होने के बाद बंदी टीवी देख रहे थे, तभी रिमोट अपने पास रखने को लेकर दो कैदियों में बहस छिड़ गई। कुछ ही पलों में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से दर्जनों बंदी लामबंद हो गए। पहले गालियां दी गईं और फिर लात-घूंसे चलने लगे। बैरक के भीतर मचे इस कोहराम से अन्य कैदी दहशत में आ गए और जान बचाने के लिए चिल्लाने लगे।
बीच-बचाव करने गए जेल रक्षक की भी पिटाई
हंगामा सुनकर मौके पर पहुंचे एक बंदीरक्षक ने जब बैरक खोलकर मामला शांत कराने की कोशिश की, तो उपद्रवी बंदियों ने कानून का खौफ भूलकर उस पर भी हाथ छोड़ दिया। जेल रक्षक को पिटता देख जेल के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। आनन-फानन में अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा और लाठियां भांजकर उपद्रवियों को अलग-अलग किया गया। जेल प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद देर रात स्थिति पर नियंत्रण पाया।
दोषी पांच बंदियों का दूसरे जिलों में तबादला
वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने अवकाश से लौटने के बाद इस गंभीर मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच में दोषी पाए गए पांच मुख्य आरोपी बंदियों के खिलाफ तत्काल कड़ा एक्शन लिया गया है। जेल में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन पांचों को प्रतापगढ़, कौशांबी, मिर्जापुर और भदोही की जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि टीवी रिमोट को लेकर विवाद शुरू हुआ था। बंदियों ने जेल रक्षक के साथ न केवल अभद्रता की बल्कि मारपीट का प्रयास भी किया। जेल के भीतर इस तरह की गुटबाजी और हमले की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में जेल में स्थिति सामान्य है, लेकिन बैरकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


