Rajasthan News: बाड़मेर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की नवनिर्मित रिफाइनरी में हाल ही में लगी भीषण आग के कारणों का खुलासा हो गया है। कंपनी के शुरुआती जांच के अनुसार, यह हादसा हाइड्रोकार्बन रिसाव (Leakage) की वजह से हुआ था। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की मुख्य इकाई, क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के पास यह आग 20 अप्रैल को लगी थी। संयोगवश, यह घटना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रिफाइनरी के निर्धारित उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले घटित हुई थी।
हीट एक्सचेंजर सर्किट में रिसाव का संदेह
एचपीसीएल की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विस्तृत जांच से पुष्टि हुई है कि आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही। जांच दल को संदेह है कि वैक्यूम अवशेष एक्सचेंजर इनलेट लाइन पर मौजूद ‘प्रेशर गेज टैपिंग पाइंट’ से हाइड्रोकार्बन का रिसाव हुआ था। इस रिसाव ने संभवतः हीट एक्सचेंजर सर्किट के किसी वाल्व या फ्लेंज के संपर्क में आकर आग का रूप ले लिया। इस हादसे में छह एक्सचेंजर और उससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण उपकरण प्रभावित हुए हैं।
तीन से चार सप्ताह में मरम्मत कार्य होगा पूरा
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित उपकरणों को ठीक करने और सिस्टम को दोबारा सुरक्षित बनाने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि मरम्मत और तकनीकी जांच की पूरी प्रक्रिया अगले तीन से चार सप्ताह के भीतर संपन्न हो जाएगी। इस दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी तकनीकी खराबी या रिसाव की पुनरावृत्ति न हो। रिफाइनरी के अन्य हिस्सों में काम सुचारू रूप से जारी है।
मई के अंत तक दोबारा चालू होगी मुख्य इकाई
79,450 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस रिफाइनरी की मुख्य इकाई (CDU) के मई के उत्तरार्ध यानी मई के आखिरी हफ्तों में फिर से चालू होने की संभावना जताई गई है। एचपीसीएल के अनुसार, आग पर काबू पाने के बाद से ही विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम मौके पर मौजूद है और उपकरणों की सक्षमता की जांच की जा रही है। एक बार मरम्मत पूरी होने और सुरक्षा प्रमाणन मिलने के बाद ही रिफाइनरी में क्रूड प्रोसेसिंग का काम फिर से शुरू किया जाएगा।
