आंध्र प्रदेश में 421 पेट्रोल पंप क्यों हुए बंद? सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिया कड़ा अल्टीमेटम

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी की अफवाहों ने हड़कंप मचा दिया है। डर के कारण लोग भारी मात्रा में तेल खरीद रहे हैं। इस अफरा-तफरी के कारण राज्य के 4,510 में से 421 पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद हो गए हैं। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को तुरंत एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों और तेल कंपनियों को सोमवार तक हर हाल में ईंधन आपूर्ति सामान्य करने का सख्त निर्देश दिया है।

अफवाहों से कैसे बिगड़े राज्य के हालात

शनिवार को सोशल मीडिया पर अमेरिका-ईरान युद्ध की झूठी खबरें तेजी से वायरल हुईं। दावा किया गया कि युद्ध के कारण भारत में पेट्रोल की कमी हो जाएगी। इस अफवाह के बाद हजारों लोग अपनी गाड़ियों में तेल भरवाने दौड़ पड़े। पेट्रोल की दैनिक मांग 6,330 किलोलीटर से बढ़कर 10,345 किलोलीटर हो गई। डीजल की मांग भी 9,048 से 14,156 किलोलीटर तक पहुंच गई। अचानक 50 फीसदी मांग बढ़ने से पेट्रोल पंप खाली हो गए।

तेल कंपनियों को मुख्यमंत्री की कड़ी चेतावनी

मुख्यमंत्री ने आईओसीएल और बीपीसीएल जैसी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ सख्त लहजे में बात की। नायडू ने पूछा कि संकट की जानकारी होने के बाद भी आपूर्ति क्यों रोकी गई। उन्होंने साफ कहा कि अगर कंपनियों ने जानबूझकर जनता को परेशान किया तो उनके लाइसेंस रद्द होंगे। प्रशासन ने पुलिस को पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी से निगरानी करने को कहा है। कालाबाजारी करने वालों पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

किसानों और एक्वाकल्चर सेक्टर के लिए इंतजाम

मछली पालन और कृषि क्षेत्र के लोग ड्रमों में भारी मात्रा में डीजल खरीद रहे हैं। धान कटाई के लिए भी मशीनों को डीजल की सख्त जरूरत है। इससे आम जनता के लिए पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को तुरंत एक टास्क फोर्स बनाने का आदेश दिया है। किसानों को सुचारू रूप से तेल देने के लिए एक विशेष कूपन प्रणाली शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है।

सोमवार से पेट्रोल पंपों पर दिखेगा स्टॉक

मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि सोमवार से किसी भी पेट्रोल पंप पर ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड नहीं दिखना चाहिए। प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें। सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में तेल का भंडार मौजूद है। आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं ताकि पूरे हालात पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सके।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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