Odisha News: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां के गंगापाड़ा इलाके में स्थित एक महिला छात्रावास में घुसकर 67 वर्षीय बुजुर्ग ने एमबीए की छात्रा के साथ बलात्कार किया। आरोपी की पहचान दीपक प्रधान के रूप में हुई है, जो हॉस्टल के ठीक बगल में किराना दुकान चलाता है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने राजधानी के सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रावास की सुरक्षा भेदकर अंदर घुसा आरोपी
पीड़ित छात्रा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की रहने वाली है और भुवनेश्वर में रहकर पढ़ाई कर रही है। आरोपी दीपक प्रधान लंबे समय से हॉस्टल के पास दुकान चला रहा था, इसलिए छात्राओं और स्थानीय लोगों के बीच उसकी पहचान सामान्य थी। इसी का फायदा उठाकर वह सुरक्षा गार्डों की आंखों में धूल झोंककर हॉस्टल के अंदर दाखिल होने में सफल रहा। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि एक बाहरी व्यक्ति इतनी आसानी से सुरक्षित परिसर में कैसे प्रवेश कर गया।
इंफो वैली पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में
घटना के तुरंत बाद डरी-सहमी छात्रा ने इंफो वैली पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने बिना देरी किए मामला दर्ज किया और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा। आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला और पुलिस ने उसे उसके ठिकाने से दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना के समय हॉस्टल में अन्य छात्राएं भी मौजूद थीं।
हॉस्टल मैनेजमेंट और सुरक्षा गार्डों पर लटकी तलवार
छात्रावास प्रबंधन और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की भूमिका अब संदेह के घेरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह सुरक्षा में हुई महज एक चूक थी या फिर कोई बड़ी लापरवाही। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। विशेष रूप से महिला छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त बनाने की मांग तेज हो गई है। ओडिशा सरकार ने भी इस मामले में पुलिस विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
देशभर में महिलाओं की सुरक्षा पर फिर छिड़ी बहस
यह मामला दिल्ली में हाल ही में हुई एक आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ दरिंदगी की घटना के कुछ दिनों बाद ही सामने आया है। इन दोनों ही मामलों में एक बात समान रही कि आरोपी पीड़िता के परिचित या करीबी दायरे से जुड़े थे। भुवनेश्वर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और आरोपी को सख्त सजा दिलाई जाएगी। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि कार्यस्थलों और रहने वाले परिसरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कितने आवश्यक हैं।
