India News: उत्तर भारत के राज्यों में पिछले कई दिनों से जारी भीषण लू और तपती गर्मी से अब जल्द राहत मिलने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक ताजा चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले 48 घंटों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। विभाग के अनुसार, तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। गुरुवार को लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
इन प्रमुख राज्यों में धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार में मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। साथ ही कई स्थानों पर हल्की बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश हो सकती है।
यूपी के 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को तपती धूप से राहत तो मिली लेकिन नुकसान भी हुआ। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 50 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इनमें लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, आगरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज धूल भरी आंधी के साथ ओलावृष्टि और वज्रपात की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, 30 अप्रैल तक दक्षिण भारत में एक कमजोर चक्रवाती परिसंचरण का असर बना रहेगा। इसके प्रभाव से रायलसीमा, महाराष्ट्र और पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी तूफानी हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ छिटपुट इलाकों में अभी भी हीटवेव का प्रभाव बना रह सकता है, जिससे सावधानी बरतनी जरूरी है।
आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने बरपाया कहर
उत्तर प्रदेश और बिहार में बुधवार को आए अचानक बदलाव ने जान-माल का काफी नुकसान किया है। धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं में उत्तर प्रदेश में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बिहार में चार लोगों की मौत की खबर है। बिहार के मधुबनी और सारण जैसे जिलों में ओलावृष्टि से आम, लीची और मक्के की फसल को भारी क्षति पहुंची है। मधुबनी में लगभग सात हजार हेक्टेयर में आम के बगीचे प्रभावित हुए हैं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।


