यात्री ध्यान दें! पूर्वा और जोधपुर समेत इन बड़ी ट्रेनों का बदला रास्ता, सफर पर निकलने से पहले चेक करें नया रूट

Uttar Pradesh News: उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज रेल मंडल में चल रहे यार्ड रिमॉडलिंग कार्य ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस मेगा ब्लॉक का असर प्रयागराज के साथ-साथ धनबाद और हावड़ा रेल रूट पर भी पड़ रहा है। रेलवे ने परिचालन सुचारू रखने के लिए पूर्वा और जोधपुर एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव किया है। यह नया बदलाव रविवार से प्रभावी हो गया है, जो आगामी 30 अप्रैल तक जारी रहेगा।

इन प्रमुख ट्रेनों के रूट में हुआ बड़ा बदलाव

प्रयागराज मंडल में बुनियादी ढांचे के विकास के कारण कई सुपरफास्ट ट्रेनों को डाइवर्ट किया गया है। 26, 28 और 30 अप्रैल को चलने वाली हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस अब वाराणसी के बजाय मीरजापुर होकर चलेगी। वहीं, 29 अप्रैल को हावड़ा-जोधपुर और सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस को प्रयागराज छिवकी और मानिकपुर के रास्ते झांसी भेजा जाएगा। बीकानेर-हावड़ा सुपरफास्ट भी इसी परिवर्तित मार्ग से अपनी यात्रा पूरी करेगी। बाड़मेर-हावड़ा एक्सप्रेस अब लखनऊ और वाराणसी होकर गंतव्य तक पहुंचेगी।

क्यों बदला गया ट्रेनों का रास्ता?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रयागराज मंडल में यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य भविष्य में ट्रेनों की गति और सुरक्षा बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। इस तकनीकी अपग्रेड के चलते मुख्य लाइनों पर परिचालन बाधित हुआ है। धनबाद और हावड़ा से आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को इस फेरबदल से सीधे तौर पर प्रभावित होना पड़ेगा। प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन आने से पहले अपनी संबंधित ट्रेनों की वर्तमान स्थिति और रूट की जांच जरूर कर लें।

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने की विशेष व्यवस्था

ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन के बावजूद रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। डाइवर्ट किए गए रूटों पर भी प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। 30 अप्रैल को आनंद विहार से चलने वाली पुरी नंदन कानन एक्सप्रेस भी गाजियाबाद, मुरादाबाद और लखनऊ के रास्ते डीडीयू स्टेशन पहुंचेगी। रेलवे ने अपने हेल्प डेस्क और सोशल मीडिया हैंडल के जरिए पल-पल की जानकारी साझा करने की व्यवस्था की है।

30 अप्रैल तक रहेगा अस्थायी डायवर्जन

यार्ड रिमॉडलिंग के चलते किया गया यह रूट डायवर्जन केवल 30 अप्रैल तक के लिए है। इसके बाद सभी ट्रेनें अपने पुराने और निर्धारित मार्ग पर वापस लौट आएंगी। हालांकि, इस दौरान डीडीयू, मीरजापुर और लखनऊ चारबाग जैसे स्टेशनों पर यात्री भार बढ़ सकता है। उत्तर मध्य रेलवे ने साफ किया है कि सुरक्षा और समयबद्धता को प्राथमिकता देते हुए ही यह निर्णय लिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) का उपयोग करें।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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