सोलन में अब अपनी मर्जी से नहीं वसूल पाएंगे खाने के दाम, प्रशासन ने तय की नई रेट लिस्ट

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में प्रशासन ने मुनाफाखोरी और जमाखोरी पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिला दण्डाधिकारी मनमोहन शर्मा ने नई अधिसूचना जारी कर खाद्य वस्तुओं की दरें निर्धारित कर दी हैं। अब दुकानदार अगले एक महीने तक प्रशासन द्वारा तय कीमतों पर ही सामान बेच सकेंगे। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश, 1977 के तहत लिया गया है। इस कदम से आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मीट और मछली की नई दरें निर्धारित

प्रशासन ने मांसाहारी खाद्य पदार्थों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट सूची जारी की है। अब सोलन में बकरा और भेड़ा का मीट अधिकतम 550 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगा। सुअर के मीट की कीमत 300 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। इसके अलावा चिकन ड्रेस्ड 180 रुपये और ब्रॉइलर ड्रेस्ड 240 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचना होगा। बिना तली हुई मछली के लिए 250 रुपये प्रति किलो का भाव तय हुआ है।

होटल और ढाबों में खाने की थाली का बदला बजट

अब ढाबों और होटरों में भी उपभोक्ताओं से अधिक वसूली नहीं हो सकेगी। प्रशासन ने आम आदमी की थाली का बजट कुछ इस प्रकार तय किया है:

  • तंदूरी चपाती 10 रुपये और तवा चपाती 08 रुपये में मिलेगी।
  • भरा हुआ परांठा 30 रुपये और पूरी डाइट थाली 90 रुपये में उपलब्ध होगी।
  • चावल की पूरी प्लेट 50 रुपये और दाल फ्राई 60 रुपये प्रति प्लेट मिलेगी।
  • सब्जी, चना और दही के साथ दो पूरी का मूल्य 50 रुपये निर्धारित किया गया है।

दूध, पनीर और शीतल पेय के लिए कड़े नियम

डेयरी उत्पादों के लिए भी प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्थानीय दूध अब 50 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिकेगा। सभी ब्रांडेड पैकेट वाले दूध और शीतल पेय केवल मुद्रित मूल्य (MRP) पर ही बेचे जाएंगे। पनीर की कीमत 300 रुपये प्रति किलोग्राम और दही 70 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। ब्रेड और दूध जैसे पैकेट बंद सामानों पर पैकिंग की तारीख और मूल्य का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है।

दुकानदारों को लगानी होगी रेट लिस्ट और देना होगा बिल

प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दुकानदारों को कड़े निर्देश दिए हैं। प्रत्येक दुकानदार को अपनी दुकान के बाहर साफ दिखने वाले स्थान पर मूल्य सूची प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा सभी खरीदारी के बिल संभाल कर रखना अनिवार्य होगा। यदि कोई उपभोक्ता कैश मेमो या बिल मांगता है, तो दुकानदार को उसे तुरंत देना होगा। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा।

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