Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चम्बा-जोत मार्ग पर मंगलवार को एक खौफनाक सड़क हादसा पेश आया है। भरोड़ी के पास एक अनियंत्रित कार सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और कार सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत यह रही कि बिजली का खंभा ढाल बनकर सामने आ गया। खंभे से टकराने के कारण कार वहीं रुक गई। अन्यथा अनियंत्रित वाहन सीधे गहरी खाई में गिर सकता था।
चलती कार का टायर फटने से बिगड़ा संतुलन
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार में तीन लोग सवार थे। वे औद्योगिक क्षेत्र बद्दी से चम्बा की ओर अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहे थे। जैसे ही वाहन भरोड़ी के समीप पहुंचा, अचानक चलती कार का पिछला टायर पंक्चर हो गया। टायर फटने की वजह से चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। इसके बाद तेज रफ्तार गाड़ी सीधे सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे में जा धंसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसकी आवाज दूर तक सुनी गई।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने शुरू किया रेस्क्यू
हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने भी अपनी गाड़ियां रोककर घायलों की मदद की। ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर बिजली का खंभा नहीं होता, तो कार सीधे नीचे खेतों में गिर जाती। इससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। फिलहाल घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।
चम्बा-जोत मार्ग की तीखी ढलानें बनीं चुनौती
चम्बा-जोत मार्ग अपनी भौगोलिक परिस्थितियों और खतरनाक तीखी ढलानों के लिए कुख्यात है। लोक निर्माण विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से मार्ग पर कई चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले चालकों के लिए यह मार्ग काफी चुनौतीपूर्ण साबित होता है। अक्सर तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी यहां बड़े हादसों का कारण बनती है। हालांकि इस ताजा मामले में अभी तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
सतर्कता ही बचाव का एकमात्र रास्ता
पहाड़ी क्षेत्रों में सफर के दौरान वाहनों का रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। टायर की स्थिति और ब्रेक की जांच लंबी यात्रा से पहले जरूर करनी चाहिए। विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- तीखी ढलानों पर गाड़ी की गति हमेशा सीमित रखें।
- यात्रा से पहले टायर प्रेशर और तकनीकी स्थिति की जांच करें।
- सड़क किनारे लगे विभाग के चेतावनी बोर्डों का कड़ाई से पालन करें।
- मोड़ पर ओवरटेकिंग करने से बचें और हॉर्न का उचित प्रयोग करें।
