Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पुलिस ने नशा माफिया के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पंचरुखी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने एक कार से 4 किलो 40 ग्राम चरस बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान कुल्लू जिले के दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया था जाल
जिला कांगड़ा पुलिस की विशेष टीम इलाके में गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान पुलिस को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली। सूचना के अनुसार बनूरी-पंचरुखी लिंक रोड पर श्मशानघाट के पास कुछ लोग वाहनों में भारी मात्रा में चरस लेकर बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने बिना समय गवाए तुरंत जाल बिछाया और इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचते ही वहां मौजूद संदिग्धों में हड़कंप मच गया।
आल्टो कार से बरामद हुई चरस की बड़ी खेप
पुलिस ने जब मौके पर खड़ी एक आल्टो कार की गहन तलाशी ली, तो अंदर भारी मात्रा में चरस छिपाई गई थी। तौल करने पर बरामद नशीले पदार्थ की कुल मात्रा 4 किलो 40 ग्राम पाई गई। पुलिस ने मौके पर ही कार और नशीले पदार्थ को अपने कब्जे में ले लिया। कार में सवार दोनों व्यक्तियों को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। इतनी बड़ी खेप की बरामदगी से इलाके के तस्करों में दहशत का माहौल है।
कुल्लू के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार आरोपी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुल्लू जिले के आनी तहसील के निवासियों के रूप में हुई है। इनमें 24 वर्षीय गोपाल और 37 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। गोपाल गांव खून्न का रहने वाला है, जबकि सुरेंद्र कुमार गांव डगूट का निवासी है। पुलिस अब इन तस्करों के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चरस की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।
नशा माफिया पर पुलिस की पैनी नजर
जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कांगड़ा को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों और लिंक रोड पर पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया गया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है ताकि पूरे गिरोह का खात्मा हो सके।
