Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में मई महीने में एक बार फिर बर्फबारी हुई है। रविवार सुबह चूड़धार शिखर और आसपास के इलाकों में लगभग 4 इंच ताजा हिमपात दर्ज किया गया। मई में हुई इस बर्फबारी ने वैज्ञानिकों और स्थानीय लोगों दोनों को पूरी तरह हैरान कर दिया है। पूरे क्षेत्र में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का अहसास लौट आया है। लोग खुद को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम का यह मिजाज बदला है। समुद्र तल से करीब 11,965 फुट की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार चोटी पर मई में बर्फबारी होना असामान्य घटना है। ऊपरी क्षेत्रों में हिमपात के साथ ही निचले इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। हरिपुरधार, नौहराधार और संगड़ाह जैसे क्षेत्रों में ओले गिरने से तापमान में भारी गिरावट आई है। इससे पूरे जिले में शीतलहर का असर देखा जा रहा है।
प्रशासन ने जारी की पर्यटकों के लिए एडवाइजरी
बर्फबारी के बाद चूड़धार स्थित शिरगुल महाराज मंदिर का ट्रैक काफी फिसलन भरा और खतरनाक हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे फिलहाल यात्रा करने से बचें। खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में जाना दुर्घटना को न्यौता दे सकता है। मौसम साफ होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और प्रशासन ने प्रभावित रास्तों पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है।
किसानों के लिए वरदान साबित होगी यह बारिश
एक तरफ जहां बर्फबारी से ठंड बढ़ी है, वहीं निचले क्षेत्रों की बारिश किसानों के लिए अच्छी खबर लाई है। गेहूं की कटाई के बाद खेतों में आई यह नमी मक्की और अदरक की बुवाई के लिए बहुत फायदेमंद है। किसानों का मानना है कि यह प्राकृतिक सिंचाई आने वाली फसल के लिए वरदान साबित होगी। इससे मिट्टी की उर्वरता और नमी बनी रहेगी, जिससे उत्पादन बढ़ने की संभावना है। कृषि क्षेत्र के लिए यह अप्रत्याशित बारिश नई उम्मीदें लेकर आई है।


