Australia News: आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी कर रहे पैट कमिंस की किस्मत चमक गई है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने स्टार खिलाड़ी को 113 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुबंध ऑफर किया है। कमिंस इस समय लीग में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी कप्तानी में हैदराबाद अंक तालिका में शीर्ष पर है। बोर्ड का यह कदम विश्व क्रिकेट में चर्चा का विषय बन गया है। इस डील के साथ कमिंस का भविष्य और भी सुरक्षित हो गया है।
कार्यभार प्रबंधन के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का बड़ा दांव
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड अपने प्रमुख खिलाड़ियों को चोटों से बचाने के लिए सख्त नीतियां बना रहा है। बोर्ड चाहता है कि कमिंस जैसे अहम खिलाड़ी विदेशी टी20 लीग के बजाय राष्ट्रीय टीम के लिए अधिक उपलब्ध रहें। इसी रणनीति के तहत पैट कमिंस का केंद्रीय अनुबंध 2029 तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अनुबंध की कुल राशि 12 मिलियन डॉलर यानी करीब 113 करोड़ रुपये आंकी गई है।
आखिर पैट कमिंस पर क्यों लुटाए जा रहे हैं इतने करोड़
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का मुख्य उद्देश्य आईसीसी के बड़े टूर्नामेंटों से पहले अपने कप्तान को पूरी तरह फिट रखना है। पैट कमिंस फिलहाल ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट और वनडे टीम के सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में टीम ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं। कमिंस न केवल एक घातक तेज गेंदबाज हैं, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी करते हैं। बोर्ड उन्हें किसी भी बड़ी चोट से बचाकर आगामी महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं के लिए तैयार रखना चाहता है।
टी20 लीग में भागीदारी पर लग सकती है कड़ी शर्तें
नए अनुबंध के नियमों के तहत खिलाड़ियों को टी20 लीग के लिए राष्ट्रीय टीम छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी बड़ी सीरीज या टूर्नामेंट के तुरंत बाद कोई लीग निर्धारित है, तो बोर्ड खिलाड़ियों को उसमें भाग लेने से रोक सकता है। इससे खिलाड़ियों की फिटनेस और चयन के लिए उपलब्धता सुनिश्चित होगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अब अपने खिलाड़ियों के कार्यभार को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह से अधिकार अपने पास रखना चाहता है।
मार्नस लाबुशेन और ट्रेविस हेड पर भी बोर्ड की नजर
सिर्फ पैट कमिंस ही नहीं, बल्कि ट्रेविस हेड और मार्नस लाबुशेन जैसे धुरंधर भी बोर्ड के निशाने पर हैं। लाबुशेन हाल ही में पीएसएल 2026 में हैदराबाद किंग्समेन की कप्तानी करते दिखे थे। वहीं ट्रेविस हेड आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बोर्ड इन सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान नीति लागू करने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें।
बोर्ड के फैसले से फ्रेंचाइजी क्रिकेट में मच सकता है हड़कंप
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले का असर भविष्य में होने वाले आईपीएल और अन्य टी20 लीगों पर पड़ सकता है। यदि बोर्ड अपने शीर्ष खिलाड़ियों को एनओसी देने में सख्ती बरतता है, तो फ्रेंचाइजी टीमों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि, अभी तक इस अनुबंध पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स ने संकेत दिया है कि ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड अपने वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर अब कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।


