Sports News: पाकिस्तान के पूर्व सलामी बल्लेबाज अहमद शहजाद ने बाबर आजम और श्रेयस अय्यर की तुलना कर एक नई बहस छेड़ दी है। शहजाद ने हालिया प्रदर्शन और बड़े मैचों में प्रभाव के आधार पर भारतीय बल्लेबाज को बेहतर बताया है। उनके इस बेबाक आकलन ने दोनों देशों के क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। शहजाद ने न केवल खिलाड़ियों की काबिलियत पर बात की, बल्कि भारतीय क्रिकेट की गहराई और पाकिस्तान की सीमाओं पर भी कड़े प्रहार किए हैं।
भारत की बेंच स्ट्रेंथ और पाकिस्तान की मजबूरी
अहमद शहजाद ने भारतीय क्रिकेट टीम की जबरदस्त बेंच स्ट्रेंथ की जमकर तारीफ की है। उन्होंने तर्क दिया कि श्रेयस अय्यर जैसे काबिल खिलाड़ी अक्सर कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण भारतीय एकादश में जगह बनाने को तरसते हैं। वहीं, पाकिस्तान की टीम महज 6-8 खिलाड़ियों के एक छोटे समूह पर निर्भर है। शहजाद के अनुसार, गहराई की इसी कमी ने पाकिस्तान को बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों में लगातार सफल होने से रोक रखा है और टीम पिछड़ रही है।
बाबर आजम की बल्लेबाजी शैली पर कड़े प्रहार
बाबर आजम के हालिया प्रदर्शन पर शहजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बाबर के शतक को उन्होंने औसत दर्जे का बताया। शहजाद ने कहा कि ऐसे रन कमजोर गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ आते हैं। उन्होंने बाबर की धीमी बल्लेबाजी शैली को “टुक-टुक” करार देते हुए इसकी आलोचना की। उनके अनुसार, दबाव वाले मैचों में बाबर की रक्षात्मक तकनीक टीम के लिए अक्सर घाटे का सौदा साबित होती है और मैच नहीं जिता पाती।
IPL बनाम PSL: स्तर में जमीन-आसमान का फर्क
दोनों देशों की टी20 लीग की तुलना करते हुए शहजाद ने आईपीएल (IPL) को विश्व स्तरीय बताया। उन्होंने दावा किया कि पीएसएल में वे खिलाड़ी खेलते हैं जिन्हें आईपीएल में कोई खरीदार नहीं मिलता। शहजाद ने स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर जैसे सितारों का उदाहरण देते हुए कहा कि आईपीएल में प्रतिस्पर्धा का स्तर कहीं ऊंचा है। उनके मुताबिक, आईपीएल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रहे क्रिकेटरों के लिए पहली पसंद है, जबकि पीएसएल में गुणवत्ता की कमी है।
श्रेयस अय्यर का पलड़ा क्यों भारी?
जब सीधी तुलना की बारी आई, तो शहजाद स्पष्ट रूप से श्रेयस अय्यर के पक्ष में खड़े दिखे। अय्यर ने आईपीएल में कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में खुद को साबित किया है। वह लगातार अर्धशतक जड़कर अपनी टीम को जीत दिला रहे हैं। दूसरी ओर, शहजाद ने माना कि बाबर व्यक्तिगत रिकॉर्ड तो बना रहे हैं, लेकिन बड़े मुकाबलों में मैच जिताने वाली निरंतरता उनमें नहीं है। अय्यर का प्रभाव और टीम की जीत में योगदान उन्हें बाबर से आगे खड़ा करता है।
