Tamil Nadu News: दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज सुपरस्टार थलपति विजय ने राजनीति के मैदान में ऐतिहासिक धमाका किया है। उनकी नवनिर्मित पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। राज्य में चल रही टीवीके की सुनामी ने सत्ताधारी स्टालिन सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया है। चुनावी रुझानों और नतीजों से स्पष्ट है कि विजय अब तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की ओर अग्रसर हैं।
फिल्मी पर्दे के बाद अब राजनीति के ‘ब्लॉकबस्टर’ हीरो
सिनेमा की दुनिया में अपनी सादगी और प्रतिभा से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीतने वाले थलपति विजय ने जनता को निराश नहीं किया। उनके समर्थकों ने उनकी राजनीतिक पारी को भी हाथों-हाथ लिया है। यह जीत न केवल विजय की लोकप्रियता का प्रमाण है, बल्कि राज्य की द्रविड़ राजनीति में एक नए युग की शुरुआत भी है। विजय ने अपनी सादगी और जमीनी पकड़ से मतदाताओं को एक नया और विश्वसनीय विकल्प प्रदान किया है।
थलपति विजय का पारिवारिक और धार्मिक परिचय
विजय की इस बड़ी जीत के साथ ही इंटरनेट पर उनके व्यक्तिगत जीवन और पृष्ठभूमि को लेकर काफी चर्चा हो रही है। थलपति विजय का जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। वह तमिलनाडु के ‘ईसाई वेल्लालर’ समुदाय से संबंध रखते हैं और ईसाई धर्म का पालन करते हैं। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर तमिल फिल्मों के सुप्रसिद्ध निर्देशक हैं। उनकी मां शोबा चंद्रशेखर एक प्रतिष्ठित गायिका हैं, जिन्होंने विजय के शुरुआती करियर में अहम भूमिका निभाई।
तमिलनाडु में ईसाई आबादी और वेल्लालर समुदाय
तमिलनाडु के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में वेल्लालर समुदाय का विशेष प्रभाव माना जाता है। 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में लगभग 44 लाख ईसाई आबादी थी, जो कुल जनसंख्या का 6.12% है। इस ईसाई आबादी में वेल्लालर समुदाय की हिस्सेदारी करीब 2.24 प्रतिशत है। ऐतिहासिक रूप से यह एक कृषि प्रधान और भूस्वामी समुदाय रहा है। विजय के इसी समुदाय से होने के कारण उन्हें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अच्छी स्वीकृति मिली है।
क्या है वेल्लालर समुदाय का सामाजिक महत्व?
वेल्लालर शब्द की उत्पत्ति ‘वेल्लनमाई’ यानी खेती से हुई है। यह समुदाय ऐतिहासिक रूप से प्रभावशाली रहा है और शिक्षा, राजनीति और व्यापार में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। वेल्लालर मुख्य रूप से तंजावुर, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी जैसे क्षेत्रों में बसे हुए हैं। इस समुदाय को दो प्रमुख वर्गों, शैव वेल्लालर और असैव वेल्लालर में विभाजित किया गया है। विजय की इस जीत ने तमिलनाडु के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में इस वर्ग की राजनीतिक ताकत को और मजबूत किया है।


