Araria News: भारत और नेपाल के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। 52वीं बटालियन सिकटी कंपनी केलाबारी और नेपाल के हर्षणगढ़ी नोमेंस लैंड पर एसएसबी (SSB) और सशस्त्र पुलिस बल (APF) नेपाल के अधिकारियों ने साझा चुनौतियों पर मंथन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पार होने वाले अपराधों पर लगाम लगाना और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
मानव तस्करी और जाली नोटों के सिंडिकेट पर होगी सर्जिकल स्ट्राइक
सीमा सुरक्षा पर केंद्रित इस चर्चा में राष्ट्र विरोधी तत्वों की घुसपैठ, मानव तस्करी और जाली मुद्रा जैसे गंभीर मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि अपराधी अक्सर भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सूचना तंत्र को पहले से कहीं अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाया जाएगा ताकि अपराधियों की हर चाल को नाकाम किया जा सके।
जॉइंट पेट्रोलिंग से बढ़ेगा जवानों में विश्वास और सीमा पर चौकसी
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए भारत और नेपाल की सेनाओं ने संयुक्त गश्ती (Joint Patrolling) शुरू करने पर ऐतिहासिक सहमति जताई है। इस पहल से न केवल जमीनी स्तर के जवानों के बीच आपसी भाईचारा और विश्वास बढ़ेगा, बल्कि सीमा के संवेदनशील इलाकों की निगरानी भी चौबीसों घंटे संभव होगी। अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त गश्ती से संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करना आसान होगा और असामाजिक तत्वों के मन में सुरक्षा बलों का खौफ कायम होगा।
अधिकारियों की साझा रणनीति: जीरो टॉलरेंस पर बनी सहमति
नेपाल एपीएफ के एसपी घृनेन्द्र भंडारी और एसएसबी के कार्यवाहक कमांडेंट पीएन सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सुरक्षा के कड़े मापदंड तय किए गए। दोनों पक्षों ने सीमा से गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच और संदिग्धों की गतिविधियों पर डेटा साझा करने का संकल्प लिया। बैठक में असिस्टेंट कमांडेंट प्रमोद कुमार और डीएसपी विकास भुंजेल सहित दर्जनों वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने सीमा पर शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने पर जोर दिया।
