Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक दर्जी के बच्चों ने सीमित संसाधनों के बीच वह मुकाम हासिल किया है, जो संपन्न परिवारों के लिए भी सपना होता है। कक्षा 12 के परीक्षा परिणामों में सगे भाई-बहन अनमोल और छवि ने जिला टॉप कर न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे जनपद में अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। बेहद साधारण परिवार से आने वाले इन बच्चों ने अपनी सफलता से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी महंगे ट्यूशन या सुख-सुविधाओं की मोहताज नहीं होती।
पिता करते थे ओवरटाइम तो बच्चों ने बिना कोचिंग के की पढ़ाई
विजेंद्र आदर्श बाल इंटर कॉलेज के छात्र अनमोल और छवि की सफलता की कहानी संघर्षों से भरी है। चार भाई-बहनों वाले इस परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। इनके पिता दिनभर सिलाई मशीन चलाकर घर का खर्च चलाते हैं और रात में ओवरटाइम करके बच्चों की फीस का प्रबंध करते हैं। संसाधनों के घोर अभाव के बावजूद, इन मेधावी भाई-बहनों ने हार नहीं मानी और किसी भी बाहरी मदद या कोचिंग क्लास के बिना घर पर ही स्वाध्याय (Self-study) के जरिए सफलता का कीर्तिमान स्थापित किया।
92 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर परिवार की आंखों में लाए खुशी के आंसू
परीक्षा परिणामों के अनुसार, अनमोल ने 92.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जबकि उनकी बहन छवि ने 92.2 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जैसे ही परिणामों की घोषणा हुई, सिलाई मशीन चलाने वाले पिता की आंखों में गर्व के आंसू छलक पड़े। माता-पिता ने बताया कि उनके बच्चों ने अपनी लगन और अटूट विश्वास को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। आज इन दोनों भाई-बहनों की उपलब्धि उन हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है जो अक्सर आर्थिक तंगी के कारण अपनी उम्मीदें छोड़ देते हैं।
